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निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का धरना, आंदोलन की चेतावनी
संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल संसद के बजट सत्र में पेश किया गया, तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि यह संशोधन विधेयक बिजली वितरण के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इसे आगे बढ़ाया गया तो बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता हर स्तर पर इसका विरोध करेंगे।
समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने बताया कि 12 जनवरी को केंद्रीय विद्युत सचिव द्वारा बुलाई गई ऑनलाइन बैठक में सभी कर्मचारी संगठनों ने एक स्वर में यह साफ कर दिया था कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। वहीं, संघर्ष समिति के पदाधिकारी वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि विद्युत निगमों के निजीकरण की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, प्रिंस गुप्ता, राजकुमार, धीरेंद्र यादव सहित अन्य बिजली कर्मी शामिल रहे।
