गोरखपुर
रामगढ़ ताल को प्रदूषण मुक्त करने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास, सैकड़ों लोगों ने दिया समर्थन
गोरखपुर। जनपद की प्रमुख प्राकृतिक धरोहर रामगढ़ ताल को प्रदूषण से मुक्त कराने की मांग को लेकर बुधवार को एक सशक्त जनआंदोलन का स्वरूप देखने को मिला। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह के नेतृत्व में सामाजिक संगठनों के संयुक्त सहयोग से रामगढ़ ताल के किनारे एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को प्रातः 10:30 बजे प्रारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में नागरिक, किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने कहा कि रामगढ़ ताल केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि गोरखपुर की पहचान और एक अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। इसकी देखरेख, संरक्षण और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और सरकार की है, लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार संरक्षण के बजाय व्यापारिक गतिविधियों और चकाचौंध को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यहां बार-बार आगमन होता है, परंतु ताल को संरक्षित करने के लिए कोई ठोस और दीर्घकालिक योजना धरातल पर नजर नहीं आती।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि रामगढ़ ताल को कभी राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना के अंतर्गत लिया गया था, जब वर्तमान मुख्यमंत्री स्थानीय सांसद थे। आज स्थिति यह है कि जहां कभी पानी की प्रचुरता रहती थी, वहां अब प्रदूषण और दुर्गंध का बोलबाला है। शहर के लोग यहां जश्न मनाने आते हैं, लेकिन ताल से उठने वाली बदबू और गंदगी इसके अस्तित्व पर गंभीर संकट पैदा कर रही है। उन्होंने “ताल नहीं बचाओगे, तो जश्न कहां मनाओगे” के नारे के साथ ताल में मर रहे जलीय जीवों पर भी गहरी चिंता जताई।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नैतिकता के आधार पर तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो जनआंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर रामगढ़ ताल को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा और इस लड़ाई में एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से गोरखपुर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ताल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस पर विश्व विजय सिंह ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के नियमित संचालन, पानी की गुणवत्ता की निरंतर जांच तथा नालों का गंदा पानी सीधे ताल में गिरने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, किसान नेता, चिकित्सक, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में रामगढ़ ताल को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
