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गोरखपुर

गोरखपुर महोत्सव : पास विवाद में 68 पार्षद धरने पर, 12 के साथ चली बैठक

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गोरखपुर। नगर निगम सदन की 16वीं बैठक उस समय अभूतपूर्व हालातों में फंस गई, जब गोरखपुर महोत्सव का पास न मिलने से नाराज़ 68 पार्षदों ने सदन हाल से बैठक का बहिष्कार कर बाहर धरना दिया, जबकि अंदर केवल 12 पार्षदों के साथ सदन की कार्यवाही चलती रही। एक ही छत के नीचे नगर निगम दो हिस्सों में बंटा नजर आया।

बैठक शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के अधिकांश पार्षद एकजुट हो गए और स्पष्ट कहा कि जब तक सभी पार्षदों को गोरखपुर महोत्सव का पास नहीं मिलेगा, तब तक वे सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे। पार्षदों ने इसे अपने मान-सम्मान और मनोबल से जुड़ा विषय बताया।

पार्षदों का आरोप था कि गोरखपुर महोत्सव की संपूर्ण व्यवस्था नगर निगम द्वारा की जा रही है, लेकिन नगर निगम के ही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पास से वंचित रखा गया। नाराज़ पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों को ही प्रवेश नहीं मिलेगा तो ऐसा महोत्सव किसके लिए आयोजित किया जा रहा है।

धरने के बीच पार्षद अशोक मिश्रा लगातार पार्षदों से संवाद करते नजर आए। वे सत्ता और विपक्ष—दोनों खेमों के पार्षदों का मान–मनोबल बनाए रखने और किसी तरह बैठक को सुचारू रूप से संचालित कराने के प्रयास में जुटे रहे। उन्होंने बाहर बैठे पार्षदों से भी अपील की कि समाधान निकलते ही सभी पार्षद सदन की कार्यवाही में शामिल हों।

नाराज़ पार्षदों ने मांग की कि मंडलायुक्त स्वयं आकर सभी पार्षदों को गोरखपुर महोत्सव का पास उपलब्ध कराएं। वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने सफाई देते हुए बताया कि पास पहले आए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण वापस कर दिए गए और शीघ्र ही सभी पार्षदों के लिए नए पास भेजे जाएंगे।

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सदन के अंदर मौजूद पार्षद रणनजय सिंह ‘जुगनू’ ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा जरूरी थी, इसलिए 12 पार्षद अंदर बैठे हैं। उन्होंने सदन अध्यक्ष और नगर आयुक्त से आग्रह किया कि बाहर बैठे पार्षदों को भी अंदर लाया जाए या तत्काल पास उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सदन की कार्यवाही पूरी तरह सुचारू हो सके।

पास विवाद के बीच सदन के अंदर एक और गंभीर मुद्दा उस वक्त सामने आया, जब धर्मशाला वार्ड के पार्षद बबलू सदन हाल में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जटेपुर स्थित धर्मशाला क्षेत्र में नगर निगम की संपत्ति पर वर्षों से अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण कर कब्जा किया गया है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

पार्षद बबलू के आरोपों को नगर निगम के दस्तावेज भी बल देते हैं। अपर नगर आयुक्त, नगर निगम गोरखपुर द्वारा 12 सितंबर 2024 को जारी नोटिस के अनुसार, जटेपुर दक्षिणी धर्मशाला बाजार निवासी विजय कुमार गुप्ता द्वारा मुहल्ला जटेपुर स्थित सदर चुंगी भवन के पश्चिम नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कराया गया है।

नोटिस में साफ कहा गया है कि उक्त भूमि को किराये पर दिए जाने से संबंधित कोई पत्रावली नगर निगम के पास उपलब्ध नहीं है और न ही डिमांड रजिस्टर में संबंधित व्यक्ति के पक्ष में कोई प्रविष्टि दर्ज है। इसके बावजूद दुकानों का निर्माण कर उन्हें किराये पर चलाया जा रहा है, जिससे नगर निगम को आर्थिक क्षति हो रही है।

नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में संबंधित व्यक्ति को एक सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया था। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में कार्रवाई न होने पर नगर निगम स्वयं अवैध निर्माण ध्वस्त कराएगा।

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धरने पर बैठे पार्षद बबलू ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम खुद निर्माण को अवैध मान चुका है और नोटिस भी जारी कर चुका है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने इसे नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बताया।

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