गोरखपुर
मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को, मांगलिक कार्य होंगे शुरू
गोरखपुर। इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पुरोहितों तथा ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 14 जनवरी बुधवार को रात 9:20 बजे ग्रहों के राजा सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शास्त्रों के मुताबिक जब सूर्यास्त के बाद जिस दिन सूर्य परिवर्तन करते हैं उसके अगले दिन मकर संक्रांति का पुण्यकाल माना जाता है। इस वर्ष 15 जनवरी गुरुवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
आचार्य प्रवीण पाण्डेय के मुताबिक 12 राशियों में सूर्य के परिवर्तन काल को संक्रान्ति तथा पृथ्वी के मकर राशि में प्रवेश को ‘मकर संक्रान्ति’ कहते है। सूर्य का मकर रेखा से उत्तरी कर्क रेखा कि ओर जाना ‘उत्तरायण’ तथा कर्क रेखा से दक्षिणी रेखा की ओर जाना ‘दक्षिणायन’ कहते है। उत्तरायण में दिन बड़ें हो जाते है। प्रकाश बढ़ जाता है। रातें दिन की अपेक्षा छोटी होने लगती है।
शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण की अवधि देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन की रात्रि है। श्री आचार्य जी ने बताया कि स्नानदान के लिए यह पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है सर्वत्र गंगा नदी अन्यत्र नदी तीर्थ एवं कुँआ सरोवर में स्नान किया जायेगा ऊनी वस्त्र दुशाला कम्बल जूता धार्मिक पुस्तके विशेषकर पंचाग का दान विशेष पुण्यफल कारक होता है ! इस पर्व को पूरे देश में अपनी स्थानीय परम्परा एवं रीति रिवाज के समय मनाया जाता है।
