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वाराणसी

तीन दिवसीय काशी शब्दोत्सव आज से शुरू

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वाराणसी। काशी की सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा के आलोक में आयोजित होने वाला काशी शब्दोत्सव-2025 आज से शुरू हो रहा है। 16 से 18 नवंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन का विषय “विश्व कल्याण : भारतीय संस्कृति” रखा गया है। इसकी जानकारी सदस्य, शिक्षा सेवा चयन आयोग एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. हरेंद्र राय ने बीएचयू में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

बीएचयू के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. सदाशिव द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम विश्व संवाद केंद्र काशी तथा संस्कृत विभाग, बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित किया जा रहा है। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

शब्दोत्सव के संरक्षक मनोज कांत ने शहर प्रवास के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और आयोजन समितियों से लगातार बैठकें कर कार्यक्रम की जिम्मेदारियाँ तय कीं। सभी सत्रों और व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुखों की अलग-अलग बैठकें भी की गईं ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी करेंगे, जबकि मुख्य वक्ता अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर होंगे।

संयोजक डॉ. हरेंद्र राय ने बताया कि काशी शब्दोत्सव राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करने का मंच है। इस वर्ष का शब्दोत्सव भारतीय ज्ञान परंपरा, कौटुंबिक अवधारणा, सामाजिक समरसता, समाज प्रबंधन, लोकतांत्रिक शुचिता, भारतीय साहित्य, पर्यावरण, न्याय बोध, चिकित्सा पद्धति, पौराणिक एवं वैदिक संदर्भ, भारतीय शिक्षा अवधारणा, ललित कला और लोक परंपरा जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगा।

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इन मुद्दों पर कुल 10 सत्रों में तीन दिनों तक विद्वान विमर्श करेंगे, जिनमें देश-विदेश के विशेषज्ञ सहभागी होंगे। आयोजन में तीन दिनों तक विभिन्न प्रकाशकों द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसे राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली का सहयोग प्राप्त है।

प्रत्येक शाम संगीत नाटक अकादमी, उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, ललित कला अकादमी तथा प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं द्वारा लोक एवं शास्त्रीय संगीत, नाट्य मंचन (राम की शक्तिपूजा, सत्यवादी हरिश्चंद्र) तथा मानस प्रसंग से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।आयोजन में देश–विदेश के विद्वान, आचार्य, विद्यार्थी और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

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