गोरखपुर
गोरखपुर SSP की सख्त कार्रवाई, जंगल धूषण चौकी इंचार्ज समेत पूरा स्टाफ निलंबित
गोरखपुर जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने थाना पिपराइच क्षेत्र के अंतर्गत जंगल धूषण चौकी में तैनात चौकी इंचार्ज और उनके पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम हाल ही में हुई गंभीर घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही और उदासीन रवैया साफ तौर पर सामने आया।
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय चौकी प्रभारी और उनके सहयोगी अपने कर्तव्यों से विमुख रहे और जनता की सुरक्षा में असफल साबित हुए। इस पर एसएसपी ने स्वयं मामले की समीक्षा कर सख्त निर्णय लिया। उन्होंने साफ कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना केवल जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि प्रत्येक पुलिसकर्मी का कानूनी दायित्व भी है, जिसकी अनदेखी किसी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले में चौकी इंचार्ज समेत समस्त पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें आदेशों की अवहेलना, लापरवाही और स्वेच्छाचारिता प्रमुख हैं। यही कारण है कि सभी को निलंबित करते हुए विभागीय जांच का आदेश जारी किया गया है। जांच में यह परखा जाएगा कि आखिर किन वजहों से पुलिस स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारी से किनारा किया और सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने में विफल रहे। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई भी संभव है, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी तक शामिल हो सकती है।
एसएसपी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनियमितता या आपात स्थिति में पुलिस से निसंकोच संपर्क करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन जन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय साफ संकेत देता है कि गोरखपुर पुलिस व्यवस्था में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है। जन सुरक्षा और जनता के विश्वास को सर्वोपरि मानते हुए प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस सेवा का उद्देश्य केवल जनता की रक्षा और उनके भरोसे को कायम रखना है
