चन्दौली
पढ़ाई के साथ अनुशासन और संस्कार की शिक्षा देता है ‘सनशाइन स्कूल’
विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में जुटा शिक्षक-शिक्षिकाओं का समर्पित समूह
चंदौली। डीडीयू नगर पड़ाव बहादुरपुर स्थित सनशाइन स्कूल के प्रबंधक सरफराज अहमद व शाहनवाज अहमद ने बताया कि मैं इस विद्यालय को सन 2018 में खोला था। मेरा यही सोच है कि मैं अपने विद्यालय में ऐसी शिक्षा दूं, जो कि विद्यार्थियों के लिए एक नज़ीर बनकर उभरे और लोग मेरे विद्यालय की प्रशंसा करें।
यही कड़ी में कक्षा 12 में पढ़ने वाली अर्शिफा कुरैशी ने बताया कि मैं इस विद्यालय में पिछले पांच सालों से पढ़ रही हूं। यहां का माहौल, वातावरण व अनुशासन हमें बहुत ही अच्छा लगता है। मैं बायोलॉजी से पढ़ रही हूं। मेरा और मेरे माता-पिता का सपना है कि मैं आगे चलकर एक मशहूर महिला चिकित्सक बनूं। इसके लिए मेरे परिवार का बहुत बड़ा योगदान है।

इसी के साथ कक्षा 11 में पढ़ने वाली मनीषा ने बताया, “मैं भी पिछले 5 सालों से लगातार पढ़ रही हूं। मेरा भी सपना यही है कि मैं आगे चलकर नर्स बनूं। मैं भी बायोलॉजी से पढ़ाई कर रही हूं।
इसके पहले मैं वाराणसी के एक विद्यालय में पढ़ाई करती थी, लेकिन वहां के विद्यालय से अच्छा मुझे इस विद्यालय में लगता है। यहां के सारे अध्यापक मेरे अभिभावकों की तरह लगते हैं, क्योंकि ये अध्यापक लोग मुझे जो ज्ञान देते हैं, उसका ऐसा तरीका होता है कि वह एक बार में ही समझ में आ जाता है।
वैसे मेरे परिवार वालों का भी यही सपना है कि मैं चिकित्सा के क्षेत्र में जाकर दीन-दुखियों, असहाय व गरीबों की स्वास्थ्य सेवा करूं। मेरा निवास स्थान सूजाबाद पड़ाव है। मेरे पिता का नाम श्रवण कुमार और माता का नाम शर्मिला राय है।”
इसी के साथ विद्यालय के अध्यापकों ने बताया कि हम सभी लोगों का फोकस बच्चों की हर तरह की गतिविधियों पर होता है। अब उसमें समझने वाली बात यह है कि विद्यार्थी किस तरह से अच्छी पढ़ाई कर पाएगा, हम लोग उसी हिसाब से बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराते हैं।
लेकिन इसके लिए स्वयं बच्चों एवं बच्चियों के साथ-साथ माता-पिता को भी पढ़ाई में अपना सहयोग देना चाहिए और बच्चों एवं बच्चियों की हर गतिविधि के बारे में माता-पिता को भी जरूर ध्यान देना चाहिए। तभी वह बच्चा पढ़-लिखकर समाज में एक ऊंचा मुकाम हासिल कर सकता है और अपने घर, अपने गांव, अपने शहर, अपने जिला के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर जाकर विद्यालय का भी नाम रोशन कर सकता है।
