बलिया
प्रदेश सरकार की डिजिटल क्रांति: तकनीकी शिक्षा की ओर बढ़ते कदम
बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई “स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना” के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टेबलेट वितरित किए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहें और आधुनिक तकनीक का समुचित ज्ञान प्राप्त कर सकें।
सिकंदरपुर तहसील से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह योजना युवाओं को न केवल शिक्षा बल्कि कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता देने में भी मददगार साबित हो रही है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत उच्च, उच्चतर, डिप्लोमा, पैरामेडिकल, नर्सिंग तथा कौशल विकास से जुड़े छात्रों को बिना किसी पंजीकरण के लाभ मिल रहा है। इसके लिए डिजीशक्ति पोर्टल पर डाटा अपलोड और त्रिस्तरीय सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसमें संबंधित संस्थान, विश्वविद्यालय और विभाग शामिल हैं।
आधार प्रमाणीकरण के बाद लाभार्थी को संबंधित शैक्षणिक संस्थान के माध्यम से स्मार्टफोन/टेबलेट वितरित किया जाता है। इन उपकरणों में शैक्षणिक और करियर संबंधी जानकारी सीधे भेजने की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, बूट लोगो व वॉलपेपर भी इन उपकरणों में शामिल हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है।
प्रदेश सरकार का यह प्रयास युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ रहा है। डिजीशक्ति पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता बनी रहती है। वर्ष 2022-23 से शुरू हुई यह योजना आगामी 5 वर्षों तक जारी रहेगी।
अब तक करीब 58 लाख स्मार्टफोन/टेबलेट वितरित किए जा चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य है कि 2 करोड़ छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठाएं। तकनीकी उपकरण पाकर विद्यार्थी न सिर्फ खुश हैं, बल्कि वे इसे अपने शैक्षणिक विकास का मजबूत साधन मान रहे हैं। यह योजना प्रदेश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
