Connect with us

वाराणसी

इंडस्ट्रियल एरिया में खुले में फेंकी गईं सैकड़ों एक्सपायर्ड दवाएं, संक्रमण का बढ़ा खतरा

Published

on

वाराणसी। चांदपुर नगर के इंडस्ट्रियल एरिया में स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती लापरवाही सामने आयी है। यहां सड़क किनारे कूड़े के ढेर में सैकड़ों एक्सपायर्ड दवाइयों के डिब्बे और इंजेक्शन वॉयल खुले में फेंके मिले हैं। इन दवाओं में एंटीबायोटिक, पेरासिटामोल और चोट के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन शामिल हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये दवाएं कई दिनों से खुले में पड़ी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जहां यह दवाएं फेंकी गई हैं, वह स्थान इंडस्ट्रियल एरिया का एक सार्वजनिक मार्ग है, जहां से रोज सैकड़ों लोग गुजरते हैं।

मेडिकल एक्ट की उड़ाई जा रही धज्जियां
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार, मेडिकल वेस्ट और एक्सपायर्ड दवाओं का निस्तारण बेहद सावधानीपूर्वक और तय मानकों के अनुसार होना चाहिए। खुले में ऐसी दवाओं को फेंकना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह आमजन की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खुले में पड़ी एक्सपायर्ड दवाएं संक्रमण फैलाने का बड़ा माध्यम बन सकती हैं, खासकर तब जब बरसात या तेज धूप के कारण इनके घटक रसायन आसपास के वातावरण में फैलने लगें।

Advertisement

100 से अधिक दवाओं के डिब्बे मिले
स्थानीय सूत्रों की मानें तो मौके पर कम से कम 100 से अधिक एक्सपायर्ड दवाओं के डिब्बे बिखरे मिले हैं। खास बात यह है कि इन दवाओं के साथ अस्पतालों में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शन और सीरिंज के वॉयल भी पड़े हुए हैं।

इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से और किसने फेंकीं, इसका अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इलाके में कई अस्पताल और मेडिकल स्टोर स्थित हैं, जिससे संदेह है कि इनमें से किसी स्थान से यह दवाएं गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाई गई हों।

जांच की उठ रही मांग, प्रशासन मौन
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन गंभीरता से जांच कराए तो इसमें बड़ा नेटवर्क उजागर हो सकता है जो मेडिकल वेस्ट की अवैध ढंग से निकासी में शामिल है।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों बाद धूल फांकने लगेगा।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page