वाराणसी
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता : मनोज सिन्हा
वाराणसी में “21वीं सदी और स्वावलंबी भारत” पर आयोजित हुआ सम्मेलन
सोमवार को वाराणसी वाणिज्य और उद्योग मंडल और सहयोगी संगठनों द्वारा “21वीं सदी और स्वावलंबी भारत” पर सम्मेलन का आयोजन शुभम लॉन, महमूरगंज में किया गया।इस कार्यक्रम की शुरुआत दिग्नात्माओं और विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर मंच पर उन्होंने अपनी शुभकामनाएं दीं। उसके पहले अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम प्रदान करके किया गया।

मुख्य अतिथि, मनोज सिन्हा जम्मू और कश्मीर के उप राज्यपाल ने कहा कि, पिछले 10 वर्षों में स्वावलंबी भारत के सपने को साकार करने के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश के आम लोगों के सर्वांगीण विकास से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने से कोई रोक नहीं सकता।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने भारतीय जनमानस को स्वावलंबी बनाने की जरूरत पर ध्यान केंद्रित किया।संगोष्ठी की अध्यक्षता करने वाले वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव सिंह (बिल्लू) ने विषय पर चर्चा को आगे बढ़ाया। प्रसिद्ध बाल चिकित्सक डॉक्टर अशोक राय भी उसमें योगदान दिया।कार्यक्रम में “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “हर हर महादेव” के नारों से सभागार गुंज उठा। संगोष्ठी में व्यापारी, समाज और समाज के हर वर्ग की बड़ी संख्या में नारी शक्ति भी शामिल रही।

इस सम्मेलन में सिंधु विकास समिति, श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति, उत्तर प्रदेश टेंट व्यापारी एसोसिएशन, अखिल भारतीय अग्रहरी समाज, बी.एन.आई. (BNI), अतुल्य काशी, और टूरिस्ट गाइड फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसी दर्जनों संस्थाएं माननीय अतिथियों का सम्मान करने के लिए सम्मानित की गईं।महत्वपूर्ण उपस्थितियों में मेयर अशोक तिवारी, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, पूर्व महापौर राम गोपाल मोहले, मृदुला जायसवाल, आलोक सिंह, राजेंद्र गुप्ता, अभिषेक शर्मा, और अन्य कई श्रेष्ठ नागरिक शामिल रहें।

सम्मेलन में उपस्थित सभी लोगों ने एक बार फिर स्वावलंबी और समृद्ध भारत के सपने के प्रति पुनर्जागरूकता की ओर संकल्प किया, जो एकता और प्रगति की भावना को प्रतिबिंबित करता है।
