वाराणसी
होली का होगा उल्लास, रंगों से सराबोर होगा काशी
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी। अल्हड़पन हुड़दंग बाजो के अलग अंदाज के लिए प्रसिद्ध काशी की होली भी अनोखी है। दो साल तक कोरोना त्रासदी के बाद हालात सामान्य होने पर इस बार यहां होली का उल्लास चरम पर है। एक सप्ताह पहले से ही रंग-गुलाल का दौर शुरू हो गया है। लोग होली की तैयारी में जुटे हैं। रंग-गुलाल, पिचकारी की खरीदारी हो रही है। वहीं मिठाई की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ उमड़ रही। इससे बाजार की रौनक भी बढ़ गई है।
दो वर्षों तक कोरोना की त्रासदी के चलते त्योहारों की रौनक फीकी पड़ गई थी। इस बार स्थिति सामान्य है। ऐसे में लोग इस बार पूरे उल्लास व उत्साह के साथ होली मनाने की तैयारी में जुटे हैं। रंग-अबीर, गुलाल की खरीदारी हो रही है। होली के दिन जनमानस रंगों से सराबोर हो जाएगा। हालांकि इसमें सावधानी भी जरूरी है, क्योंकि केमिकल युक्त रंग आपकी त्वचा को खराब कर सकते हैं। इसलिए विशेषज्ञ ने फूलों से निर्मित व हर्बल रंग-गुलाल के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। इसका कोई दुष्परिणाम नहीं होगा।
त्योहार को देखते हुए बाजार पर महंगाई का असर भी दिख रहा है। खासतौर से मिठाई, खोवा आदि के दाम बढ़ गए हैं। वहीं मिलावटखोरी की आशंका भी है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। होली को लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। खासतौर से संवेदनशील होलिका दहन वाले स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वहीं होली पर बाजार में भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। होली किस दिन मनाई जाएगी, इसको लेकर काशी के विद्वान एकमत नहीं हैं। इसलिए उहापोह की स्थिति बनी हुई है। वैसे काशी में 7 तारीख को होली मनाई जाएगी।
