वाराणसी
हीमोग्लोबिन स्क्रीनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू
पुरुष, महिलाएं, गर्भवती और किशोरियों को मिलेगा लाभ
वाराणसी। जनपद में हीमोग्लोबिन की पहचान और उसकी शुद्धता के परीक्षण के लिए “हीमो क्यूआर” एप और डैशबोर्ड का उपयोग करते हुए पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत सोमवार को की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शिवपुर से हुआ।
93 किशोरियों और 45 लाभार्थियों की स्क्रीनिंग
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि सोमवार को कस्तूरबा गांधी विद्यालय, शिवपुर में 93 किशोरियों और 3 शिक्षकों की स्क्रीनिंग की गई। इसके साथ ही, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर में 45 अन्य लाभार्थियों का परीक्षण किया गया। इस पायलट प्रोजेक्ट को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्मार्ट क्यूआर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है।

मंगलवार को नरपतपुर और अन्य स्थानों पर परीक्षण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ए.के. मौर्या ने बताया कि मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, और नरपतपुर में स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
पायलट प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु :
प्रोजेक्ट के तहत 5,000 व्यक्तियों की ब्लॉक स्तर पर स्क्रीनिंग का लक्ष्य।
विशेष फोकस गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा किशोरियों पर।
स्क्रीनिंग की पुष्टि रैंडम सैंपल के आधार पर विभागीय लैब में कराई जाएगी।
हीमो क्यूआर तकनीक के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रोजेक्ट 60 दिनों में पूरा किया जाएगा।
राज्यव्यापी विस्तार की योजना
यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
