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वाराणसी

स्वतंत्रता दिवस पर हमें मातृभूमि के प्रति सेवा, निष्ठा, आदर का संकल्प लेना चाहिए : कुलपति, प्रोफेसर नेगी

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सारनाथ (वाराणसी)। 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान’ के कुलपति प्रोफेसर वांगचुक दोर्जे नेगी ने सबको बधाई देते हुए कहा कि, स्वतंत्रता मानव की चित्त वृत्ति है। मनुष्य क्या दुनिया का हर जीव स्वतंत्र रहना चाहता है।

उन्होंने कहा कि, भारत जब अपना 100वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा हो उसे पहले हम विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हों यही मेरी आज के दिन पर मंगल कामना है। आज के दिन हमें मातृभूमि के प्रति सेवा, निष्ठा, आदर का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि हम सभी राष्ट्र के ऋणी हैं।वहीं सभी देशवासी को थिंक ग्लोबल एक्ट लोकल के भाव से कर्म करना चाहिए। आज जापान, अमेरिका सहित सभी विकसित राष्ट्र इसी भाव से आगे बढ़े हैं, इसलिए जो जहां,जिस क्षेत्र में है वहीं से देश सेवा कर सकता है। भारत सॉफ्ट पावर के रूप में पूरी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।

उन्होंने बताया कि नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला, वल्लभी जैसी प्राचीन संस्थाओं ने हमें एक अलग पहचान दी है, जो बौद्ध धर्म के केंद्र थे। बौद्ध धर्म में स्थित प्रतीत्यसमुत्पाद एवं पंचशील सिद्धांत के द्वारा ही पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने का मूलमंत्र भारत ने सदैव दिया है। इस अवसर पर तिब्बती संस्थान के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर डॉ हिमांशु पांडेय, डॉ. सुशील कुमार सिंह, प्रोफेसर जम्पा समतेन, दोन्यो आदि सहित संख्या में छात्र-छात्र तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने किया।

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