गाजीपुर
सुपर एक्सीलेंट ट्यूटोरियल कोचिंग सेंटर पर मनायी गयी फातिमा शेख की जयंती
जलालाबाद (गाजीपुर) जयदेश। सौहार्द एवं बंधुत्व मंच के तत्वावधान में सुपर एक्सीलेंट ट्यूटोरियल कोचिंग सेंटर पर गुरुवार को फातिमा शेख की जयंती पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोचिंग सेंटर के संचालक आदित्य यादव और मंच के सदस्य हिमांशु मौर्य ने इस अवसर पर बच्चों के बीच संवैधानिक मूल्यों पर चर्चा की।
हिमांशु मौर्य ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को अनिवार्य और नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार संविधान द्वारा प्रदान किया गया है। उन्होंने फातिमा शेख के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं था, तब फातिमा शेख ने सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा राव फुले के साथ मिलकर समाज में दलित और पिछड़े वर्ग को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। वे भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका बनीं और कई विद्यालय खोलकर शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया।
सौहार्द एवं बंधुत्व मंच के सदस्य रामअवतार मौर्य ने बच्चों से संविधान द्वारा मिले शिक्षा के अधिकार का पालन करते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा राव फुले के सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके योगदान की चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने फातिमा शेख के जीवन और उनके शिक्षा क्षेत्र में योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कई स्थानीय सदस्य एवं छात्र उपस्थित रहे।
