गाजीपुर
सिधौना हुआ धुआं-धुआं! स्टिंग ऑपरेशन में खुलेआम गांजा व अवैध शराब बिक्री का दावा, पुलिस संरक्षण के आरोप
गाजीपुर (जयदेश)। जहां एक ओर जनपद गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा तथा वाराणसी जोन के डीआईजी वैभव कृष्ण जैसे वरिष्ठ अधिकारी अपने कार्यों से पुलिस की गरिमा बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सैदपुर क्षेत्र की सिधौना पुलिस चौकी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जयदेश द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में यह कथित रूप से सामने आया है कि सिधौना क्षेत्र में दिनदहाड़े खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है। यह अवैध गतिविधि पुलिस चौकी से मात्र लगभग 200 मीटर की दूरी पर, सिधौना-बिहारीगंज मार्ग के अंडरपास के पास संचालित होने का दावा किया गया है।
50 से 500 तक गांजा बिकने का आरोप
स्टिंग के दौरान रिपोर्टर द्वारा दुकानदार से पूछे जाने पर कथित रूप से यह जवाब मिला कि गांजा 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक बिकता है। बिना किसी पहचान या भय के बिक्री होने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बेखौफ गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं।

स्थानीय लोगों से बातचीत में भी यह आरोप सामने आया कि यह सब पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है, जिसके चलते नशे का कारोबार फल-फूल रहा है।
समय से पहले खुलती है शराब की दुकान?

स्टिंग ऑपरेशन में यह भी कथित रूप से सामने आया कि क्षेत्र की अंग्रेजी शराब की दुकान निर्धारित समय से पहले खुल जाती है। जय देश के रिपोर्टर को सुबह लगभग 9:27 बजे शराब उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है। हालांकि बोतल पर बारकोड क्षतिग्रस्त होने के कारण ब्लैक में बिक्री की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन तय समय से पहले दुकान खुलना अपने-आप में नियमों पर सवाल खड़ा करता है।

वरिष्ठ अधिकारियों की सख्ती बनाम जमीनी हकीकत गौरतलब है कि गाजीपुर पुलिस ने बीते वर्षों में कई मामलों में त्वरित कार्रवाई कर मिसाल पेश की है। गहमर तिहरे हत्याकांड में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आईजीआरएस पोर्टल पर जनपद का प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना इसकी बानगी है।
अब देखना यह होगा कि सिधौना क्षेत्र में कथित अवैध नशा व शराब बिक्री के इन आरोपों पर पुलिस कप्तान गाजीपुर क्या रुख अपनाते हैं और क्या कानून का शिकंजा इन गतिविधियों पर कसता है। जनता की निगाहें अब कार्रवाई पर टिकी हैं।
