पूर्वांचल
सावधान-नहर उपखंड परिसर में हैं जहरीले सांप,भगाने की कवायद शुरू
भदोही। नहर प्रखंड के उपखंड प्रथम जंगीगंज-किशनदेवपुर परिसर में जहरीले सांपों का मकड़जाल कर्मचारियों के लिए नई मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। अधिकारी हो या कर्मचारी लाखों रूपये की लागत से सुसज्जित डाक बंगले में रात बिताने की बात तो दूर सोचते भी नहीं हैं। वर्तमान परिवेश में लगभग 30 लाख खर्च कराकर विभाग ने क्षतिग्रस्त चहारदिवारी, आवासीय कुछ कक्षों व आलीशान डाक बंगले का सुदृढ़ीकरण करवाया जा सका लेकिन परिसर में दर्जनों की संख्या में खंड हर का रूप ले चुके आवासीय कक्षों न सुधि ली गई न जंगली झाड़-झंखाड़ की सफाई ही कराई जा सकी।
सूत्रों के मुताबिक जिले के लघु एवं सीमांत किसानों की सिंचाई व्यवस्था को टेल करने में सबसे बड़ा योगदान नहर प्रखंड का होता है और अधिकांश किसान मुख्य नहर सहित दर्जन भर से अधिक राजवाहा, माइनरों पर आश्रित कर खेतीबाड़ी को अंजाम देते हैं। सूत्र यहां तक बताते हैं कि दो दशक पूर्व तक उप खंडीय परिसरों के हालात यह थे कि आवासीय कक्षों में रहने के लिए जगह नहीं मिलती थी।
वर्तमान परिवेश में बजटीय अभाव में इस मुख्य सिंचाई प्रखंड की कमर तोड़ कर रख दिया है। जबकि भदोही नहर प्रखंड से वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज और जौनपुर की सीमाओं तक सिंचाई योग्य पानी टेल कराने की कश्मकस जोर पकड़े रहती है वह भी गिने-चुने कर्मचारियों के हौसले पर। जहरीले सांपों के मकड़जाल में उलझे परिसर में मंगलवार को हो रहे कीटनाशक के सवाल पर कर्मियों ने बताने से इनकार नहीं किया कि कार्य का लोड इतना है कि उनको देर रात तक रूकना पड़ता है।
डाक बंगला है लेकिन परिसर में जंगली झाड़-झंखाड़ों के बीच चहलकदमी कर रहे जहरीले सांपों का भय किसी न किसी अनहोनी का संकेत देता है। कीटनाशक का प्रभाव होते ही जंगली झाड़-झंखाड़ खत्म होंगे ही परिसर में डेरा जमा चुके जहरीले सांपों का बसेरा हट जाएगा।
