वाराणसी
साथी की मौत पर एनएचएम कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, सीएमओ ऑफिस के बाहर किया विरोध-प्रदर्शन
वाराणसी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी अतुल कुमार गुप्ता की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद गुरुवार को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब 500 कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने साथी की मौत पर नाराजगी जताई और विभागीय दबाव को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
कर्मचारियों ने बताया कि मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संविदा कर्मियों पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत लंबे समय से कार्यरत कर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार, अनुचित आदेश और अत्यधिक कार्यभार जैसी स्थितियां बनी हुई हैं।
पिंडरा ब्लॉक में ब्लॉक अकाउंटेंट मैनेजर के पद पर तैनात अतुल कुमार सिंह रविवार की रात ड्यूटी के बाद घर लौटे थे। सोमवार सुबह 8 बजे उन्हें दोबारा ड्यूटी पर बुलाया गया। बताया गया कि वे काफी दबाव में थे। इसी तनाव के चलते रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया और उनकी मौत हो गई।

कर्मचारियों का कहना है कि जिस तरह से स्थायी कर्मचारियों को सुविधाएं दी जाती हैं, उसी प्रकार संविदा कर्मियों को भी समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। वहीं, संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मियों से देर रात तक मीटिंग कराई जाती है, कार्यस्थल पर अनुचित तरीके से कैमरे लगाकर निगरानी की जाती है और मेडिकल अवकाश तक नहीं दिया जाता। इन शिकायतों को कई बार उच्च अधिकारियों के समक्ष मौखिक और लिखित रूप से रखा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
करीब एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान सीएमओ स्वयं नीचे आकर कर्मचारियों से मिले। उन्होंने कर्मचारियों की मांगपत्र लिया और कहा कि विभाग द्वारा जो भी संभव होगा, वह मदद मृतक के परिवार को दी जाएगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की अन्य मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें है कि अतुल कुमार गुप्ता की मृत्यु की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और पिंडरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को तत्काल हटाया जाए। सभी मीटिंग केवल निर्धारित कार्यालय समय में ही हों तथा छुट्टी के दिनों और रात्रि समय में ऑनलाइन या ऑफलाइन मीटिंग बंद की जाए। मृतक अतुल कुमार सिंह के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाए।
