वाराणसी
साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
वाराणसी। ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्डर आधारित एपीके फाइल के माध्यम से बैंक खातों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से छह आईफोन, नौ एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1,52,100 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, रामनगर थाना क्षेत्र के मछरहट्टा निवासी अनूप गुप्ता ने 5 जनवरी 2026 को साइबर क्राइम थाना वाराणसी में शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते को हैक कर 8,38,402 रुपये निकाल लिए। इस मामले में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 02/2026 धारा 318(4) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में जांच के दौरान धारा 61(2), 317(2), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई।
मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक उदयबीर सिंह कर रहे थे। जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से दो शातिर साइबर अपराधियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेश्वर मंडल (30) निवासी ग्राम भादुर, थाना अंडाल, जिला पश्चिमी बर्धमान (हाल पता) तथा मूल निवासी मोहनपुर, थाना नरायनपुर, जिला जामताड़ा, झारखंड और अक्षय मंडल उर्फ पिंटू (24) निवासी ग्राम भादुर, थाना अंडाल, जिला पश्चिमी बर्धमान (हाल पता) तथा मूल निवासी सियाताड़, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा, झारखंड के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को बैंकिंग सेवाओं और आरटीओ चालान भुगतान से संबंधित फर्जी डिजिटल फ्लायर भेजते थे, जिनके साथ कूटरचित एपीके फाइल भी होती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति उस एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता था, उसका मोबाइल एक्सेस और आने वाले सभी एसएमएस ठगों के पास पहुंच जाते थे।
इसके बाद आरोपी एसएमएस बॉम्बर के माध्यम से सैकड़ों लक्षित उपयोगकर्ताओं को संदेश भेजकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करते थे और इसी दौरान पीड़ित के बैंक खाते से लेनदेन कर रकम निकाल लेते थे। ठगी की रकम टेलीग्राम बॉट के जरिए म्यूल बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाती थी और बाद में कार्डलेस पेमेंट के माध्यम से नकद निकासी की जाती थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी नागेश्वर मंडल के खिलाफ झारखंड के साइबर क्राइम थाना जामताड़ा में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में पहले से मुकदमा दर्ज है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
