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पूर्वांचल

समाधान दिवस पर भी नहीं होता पीड़ित की समस्या का समाधान, डीएम साहब इधर भी दीजिए ध्यान

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रिपोर्ट – गणपत राय (ब्यूरो चीफ, चंदौली)

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे महीने में कई बार समाधान दिवस का आयोजन करते हैं। जिसमें जनता की समस्याओं का निस्तारण किए जाने का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन इसके बाद भी कुछ ऐसे फरियादी हैं, जिनकी समस्या का अब तक निस्तारण नहीं हुआ है। लंबी दूरी से फरियाद लेकर आने वालों को समस्या के समाधान की बजाय बार-बार तारीख ही मिल रही है। ऐसे में उनका इस समाधान दिवस से भरोसा टूटने लगा है।

शनिवार को नौगढ़ में संपूर्ण समाधान दिवस का हाल भी ऐसा ही रहा। फरियादियों की भीड़ में गोलाबाद गांव के रहने वाले रामप्यारे समाधान दिवस में पहुंचे जहां उन्होंने कहा कि, साहब हमारी भी पर्ची बना दीजिए। प्रार्थनापत्र पर मोहर लगने के बाद रामप्यारे जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के पास पहुंचा। प्रार्थना पत्र देकर कहा – साहब। इस बार तो कार्रवाई कर दीजिए। मैं 5 साल से दौड़ रहा हूं। मुझे 2008 से पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कागज आगे बढ़ा दिया। फिर उसके बाद रामप्यारे को लगा कि अब तो न्याय मिलने से रहा। वह मायूस होकर लौट गए।

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इस समाधान दिवस में देवरा गांव के नरेंद्र, रामबचन और दूधनाथ ने जिलाधिकारी को बताया कि बारह बीघा 12 विश्ववा, पांच धूर जमीन लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस मामले में तीन बार समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। आज फिर आना पड़ा है।

इसके अलावा तीसरे फरियादी के रूप में मलेवर गांव की मंगरी ने बताया कि मेरी जमीन आराजी नंबर 96 पर मनबढ़ पड़ोसी ने कब्जा कर लिया है। खाली करने की बात कहने पर लोग मारपीट करते हैं। कभी कूड़ा फेंकते हैं तो कभी गोबर डाल देते हैं। तो वहीं चौथे फरियादी बोझ गांव के दुलारे ने बताया कि पड़ोसियों से रास्ते का विवाद चल रहा है। थाना से लेकर तहसील तक दौड़ रहे हैं। न जाने कब इंसाफ मिलेगा। ‌

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