वाराणसी
संस्कृत, संस्कृति और संस्कार का संगम स्थल है ‘संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय’ : दुर्गा शंकर मिश्र
वाराणसी। सम्पूर्ण देश में भारतीय ज्ञान परम्परा के आलोक से आलोकित यह संस्था संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार के संगम में सम्पूर्ण राष्ट्र को ज्ञान राशि के पवित्र जल से सिंचित कर हो रहा है।
उक्त विचार ‘सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय’, वाराणसी के परिसर में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने व्यक्त किया।मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि, “आज यह परिसर अपने पूर्व स्थिति में पुनः प्रतिष्ठित हो रहा है, सम्पूर्ण परिसर स्वच्छ और हराभरा दिखाई दे रहा है। इससे इस संस्था के वास्तविक चित्रण परिलक्षित है। आज यह परिसर स्वच्छ और सुन्दर दिखाई दे रहा है।”

कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि, “मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सम्पूर्ण परिसर के साथ-साथ शताब्दी भवन अतिथि गृह के जीर्णोद्धार एवं एक और अतिथि गृह के नव निर्माण की प्रगति तथा राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के द्वारा यहां संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने सम्पूर्ण कार्यों पर अपना संतोष जाहिर किया प्रत्येक स्तर पर शासन के द्वारा विश्वविद्यालय का अपेक्षित सहयोग किया जाएगा।”
कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने आकस्मिक रूप से पधारे उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र का पारम्परिक रूप से अंगवस्त्र के साथ स्वागत और अभिनंदन किया।इस दौरान कमिश्नर कौशलराज शर्मा, जिलाधिकारी एस राजलिंगम, कुलसचिव राकेश कुमार, निदेशक प्रकाशन डॉ पद्माकर मिश्र, डॉ विमल कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
