गोरखपुर
संत शिरोमणि रविदास जयंती पर सामाजिक समरसता संगोष्ठी आयोजित
गोरखपुर। विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश, गोरखपुर इकाई के तत्वावधान में संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर “सामाजिक समरसता” विषयक संगोष्ठी का आयोजन श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर, जटाशंकर, गोरखपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राकेश श्रीवास्तव रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास का जीवन सामाजिक समानता, मानव गरिमा और भाईचारे का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी समाज को आत्मशुद्धि और सद्भाव का मार्ग दिखाता है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर समरस समाज के निर्माण के लिए संतों के विचारों को जीवन में अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि संत रविदास ने श्रम की प्रतिष्ठा स्थापित कर समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान के साथ जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में समानता और आपसी सहयोग से ही साकार होती है।
कार्यक्रम में डॉ. विनय मल्ल, बंशीधर जायसवाल, श्याम बाबू शर्मा, शिवेंद्र पांडेय, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. सरिता सिंह, जयप्रकाश मिश्रा, डॉ. गिरीश चंद्र द्विवेदी, लीला श्रीवास्तव, अजय कुमार विश्वकर्मा, सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार रखे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत लक्ष्मी गुप्ता, सरिता सिंह, आशा शर्मा एवं रवि कन्नौजिया द्वारा प्रस्तुत सुरमधुर भजनों एवं गीतों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का समापन संत शिरोमणि रविदास के आदर्शों को आत्मसात कर सामाजिक सौहार्द, समानता और भाईचारे को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
