गाजीपुर
“शिवभक्ति को बनाएं जीवन का आधार”: भवानी नंदन यति महाराज
जखनिया (गाजीपुर) जयदेश। सिद्ध पीठ हथियाराम मठ में महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी के वैदिक विद्वान आचार्य पंडित सुरेश चंद्र त्रिपाठी के संग 51 वैदिक विद्वानों द्वारा असंख्य पार्थिव वाचन अनुष्ठान श्रद्धा के साथ चारों पहर में संपन्न हुआ। शिष्यों ने भगवान शिव का विधिवत पूजन-अर्चन किया।
अनुष्ठान के उपरांत शिष्यों को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर महंत श्री भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शिवत्व की अनुभूति का दिव्य अवसर है। इस दिन पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन करने से मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है। अत्यधिक आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

बताया कि महाशिवरात्रि की रात्रि में जागरण, जप, तप और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव का स्मरण करने मात्र से भी जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है। मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने शिष्यों को आशीर्वचन में बताया कि शिवभक्ति को जीवन का आधार बनाएं और समाज में धर्म-भावना को आगे बढ़ाएं।
मठ परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने रात्रि भर उपवास, पूजन और जागरण कर भगवान भोलेनाथ से विश्व शांति एवं समृद्धि की कामना की। मौके पर ग्वालियर से पधारे आचार्य पंडित शंभूनाथ पाठक, लवटू प्रजापति, पुजारी सर्वेश चंद्र पांडे, चित्रसेन पांडे, मनोज पांडे, अजय पांडे, सज्जन त्रिपाठी, संजय पांडे, पुजारी अभयानंद यति सहित काफी संख्या में लोग पूरी रात्रि जागरण कर ओम नमः शिवाय भजते रहे।
