गाजीपुर
“शिक्षा की गुणवत्ता में जन-भागीदारी अनिवार्य” : दीनानाथ साहनी
मरदह (गाजीपुर) जयदेश। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) मरदह में शनिवार को विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अध्यक्षों और सचिवों की एक दिवसीय संगोष्ठी एवं क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी दीनानाथ साहनी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी दीनानाथ साहनी ने स्पष्ट किया कि विद्यालय के सर्वांगीण विकास में प्रबंध समिति की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया:

कायाकल्प अभियान: स्कूलों में टाइलीकरण, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को संतृप्त करने में ग्राम प्रधान और समिति के तालमेल पर चर्चा की गई।
डीबीटी (DBT) की समीक्षा: सचिवों (प्रधानाध्यापकों) को निर्देशित किया गया कि यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और बैग के लिए भेजी गई धनराशि का अभिभावकों द्वारा सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
निपुण लक्ष्य: श्री साहनी ने कहा कि मरदह ब्लॉक को ‘निपुण ब्लॉक’ बनाने के लिए शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक होना होगा।
सचिवों को पारदर्शिता के निर्देश
बैठक में सचिवों को विद्यालय के आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक करने और बैठक पंजिका (Register) को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी कि विद्यालय विकास अनुदान के उपयोग में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
दीनानाथ साहनी (खंड शिक्षा अधिकारी, मरदह) ने कहा कि, ”जब तक समाज अपने स्कूल से जुड़ाव महसूस नहीं करेगा, तब तक व्यवस्था में पूर्ण सुधार संभव नहीं है। एसएमसी सदस्यों का उत्तरदायित्व है कि वे स्कूल की गतिविधियों की निगरानी करें और सचिव के साथ मिलकर विकास की योजना बनाएं।”
इस अवसर पर ब्लॉक के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक (सचिव), एसएमसी अध्यक्ष और एआरपी उपस्थित रहे।
