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शिक्षक आत्महत्या मामले में शासन सख्त, संयुक्त जांच टीम ने शुरू की पड़ताल

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देवरिया में कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन (गौरीबाजार) के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ और देवरिया स्तर पर गठित संयुक्त जांच समितियों ने सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों की जांच शुरू की। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम के अध्यक्ष सीडीओ राजेश कुमार सिंह, डीआईओएस और जॉइंट में स्टेट बीएसए कार्यालय सुबह 10 बजे पहुंचे। कुछ देर बाद ही शासन से गठित टीम के सदस्य भी कार्यालय पहुंच गए। टीमों ने कर्मचारियों से पूछताछ की और संबंधित पत्रावलियां तलब कीं।

जांच शुरू होने के बाद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव लगभग 11 बजे टीम के सामने उपस्थित हुईं, जबकि जिलाधिकारी दिव्या मित्तल दोपहर 12 बजे बीएसए कार्यालय पहुंचीं। अधिकारियों ने शिक्षक की आत्महत्या के प्रकरण में लंबी पूछताछ की और सभी संबंधित पत्रावलियों की गहन जांच की। इसमें हाईकोर्ट के आदेश पर की गई कार्रवाई का भी विश्लेषण किया गया।

शासन की गठित टीम में संयुक्त निदेशक स्कूली शिक्षा डॉ. पवन सचान, उप शिक्षा निदेशक (प्राथमिक) संजय उपाध्याय, एडी बेसिक गोरखपुर संगीता सिंह और एसडीएम सदर श्रुति शर्मा शामिल थे। टीम ने अभिलेखों की जांच की और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे।

जांच के दौरान न्यायालय के एक वर्ष पुराने आदेश का पालन न होने पर टीम ने नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिल सका। टीम ने शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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