वाराणसी
शंकराचार्य मामले में बड़ा ट्विस्ट! गवाह के बयान से मचा हड़कंप
वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ चल रही यौन उत्पीड़न से जुड़ी जांच में अब एक नया मोड़ आ गया है। हाल ही में सामने आए एक व्यक्ति के बयान ने पूरे मामले को अलग दिशा दे दी है। गवाह का दावा है कि यह प्रकरण किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसके तहत संत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
हरदोई निवासी रमा शंकर दीक्षित ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उनसे उनकी बेटियों के माध्यम से झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए संपर्क किया गया था। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को उन्होंने तुरंत ठुकरा दिया। रमा शंकर का दावा है कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, ताकि शंकराचार्य को बदनाम किया जा सके।
प्रेस वार्ता में किया खुलासा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रमा शंकर अचानक सामने आए और उन्होंने अपने आरोप सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि जगद्गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनसे संपर्क कर कथित रूप से लालच दिया था। रमा शंकर के अनुसार, उनसे कहा गया था कि वे अपनी बेटियों की ओर से झूठे आरोप लगवाएं, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
कैसे शुरू हुआ मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोप था कि माघ मेले के दौरान गुरु सेवा की आड़ में नाबालिगों का शोषण किया गया। इसी आधार पर पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
राजनीति की एंट्री
मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने शंकराचार्य के समर्थन में सामने आते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
जांच एजेंसियों के सामने चुनौती
शंकराचार्य के समर्थकों का कहना है कि उनकी स्पष्टवादी सोच और धार्मिक मुद्दों पर मुखरता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, आरोप लगाने वाले पक्ष अपने दावों पर अडिग हैं। ऐसे में पुलिस और अदालत के लिए सच्चाई तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है।
अब रमा शंकर दीक्षित के बयान को मामले में अहम माना जा रहा है। जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और सच क्या है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच अधिकारियों की अगली कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की तस्वीर साफ कर सकती है।
