वाराणसी
“शंकराचार्य को बदनाम कर रही योगी सरकार” : राघवेंद्र चौबे
वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने योगी सरकार पर संत परंपरा की गरिमा को ठेस पहुंचाने और शंकराचार्य परंपरा से जुड़े संतों को बदनाम करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सुनियोजित ढंग से सनातन परंपरा और उससे जुड़े पूज्य संतों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है, जो अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक है।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित परंपरा भारतीय सनातन धर्म की आत्मा है और उससे जुड़े संतों का सम्मान किसी भी सरकार से ऊपर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की सत्ता असहमति की हर आवाज को दबाने की प्रवृत्ति अपना रही है। जब कोई शंकराचार्य सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाता है, तो उसे ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की जाती है, जो यह दर्शाता है कि सरकार संवाद से डर रही है।
उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कुंभ जैसे पवित्र अवसर पर यदि संतों के सम्मान की रक्षा नहीं हो पा रही है, तो यह सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म समन्वय, सहिष्णुता और शास्त्रार्थ की परंपरा पर आधारित है, लेकिन वर्तमान सरकार इसे राजनीतिक ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही है।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि जो सरकार स्वयं को सनातन की एकमात्र संरक्षक बताती है, उसे सबसे पहले संतों और धर्माचार्यों के सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। प्रदेश की शासन शैली दिन-प्रतिदिन अधिक केंद्रीकृत और दमनात्मक होती जा रही है। लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे दबाने या बदनाम करने का प्रयास।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि होते हैं, कोई राजा नहीं। यदि संत समाज की आवाज भी सरकार को असुविधाजनक लगने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए घातक संकेत है। महानगर अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से मांग की कि शंकराचार्य परंपरा से जुड़े संतों के संदर्भ में हुई घटनाओं पर अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करे और संत समाज की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संत परंपरा के सम्मान और सनातन की मूल भावना की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।
