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वाराणसी

वाराणसी : सिर्फ एक लेप लगाकर टूटी हड्डियों को जोड़ा

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बीएचयू के आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति में बेहद कम खर्च पर फ्रैक्चर का भी इलाज संभव है। सिर्फ एक लेप लगाकर टूटी हड्डियों को जोड़ा जा सकता है।बीएचयू के आयुर्वेद संकाय से पढ़े डॉ. प्रमोद कुमार ने प्रो. जेएस त्रिपाठी के निर्देशन में शोध किया है। उन्होंने सुश्रुत संहिता में दिए गए सूत्र के आधार पर कृष्ण सर्वादि लेप बनाया। उसका प्रयोग उन्होंने तीन वर्ष पहले खुद पर किया। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। पहले ऑर्थों के विशेषज्ञों का उपचार किया। उससे लाभ नहीं मिला तो उक्त लेप का प्रयोग किया। छह माह में पूरी तरह स्वस्थ हो गए।

डॉ. प्रमोद ने कहा कि सुश्रुत संहिता में हड्डी के इलाज के बारे में काफी वर्णन है। आयुर्वेद के चिकित्सक उसका उपयोग कम ही करते हैं। डॉ. प्रमोद का यह कार्य इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन में एक अप्रैल को प्रकाशित हुआ है।वाराणसी की ही एक बुजुर्ग महिला का घुटना खराब हो गया था। उसे बदलने की बात कही गई। महिला इससे घबरा गई थीं। तभी उन्हें इसके आयुर्वेदिक इलाज के बारे में पता चला। उन्होंने डॉ. प्रमोद से सम्पर्क किया। महिला की एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद डॉ. प्रमोद ने इलाज शुरू किया। कुछ सप्ताह में वह बुजुर्ग अपने पैरों पर बिना किसी बाधा के चलने-फिरने लगीं।

मधुमेह से पीड़ित एक मरीज का भी इस पद्धति से इलाज हुआ है। उस व्यक्ति का बाइक से एक्सीडेंट हो गया था। इस मरीज के इलाज के साथ इसके मधुमेह पर नियंत्रण भी रखना था। दोनों ही इलाज एक-साथ हुए और मरीज कुछ हफ्तों में दुरुस्त हो गया।

ऐसे जुड़ती है टूटी हड्डी : डॉ. प्रमोद ने बताया कि जहां हड्डी टूटी होती है, वहां का एक्सरे देखने के बाद कृष्ण सर्वादि लेप लगाते हैं। उस पर सामान्य तरीके से पट्टी बांध दी जाती है। अगले तीन दिन मरीज को इसे पानी से बचाना होता है। चौथे दिन फिर यह प्रक्रिया दोहराई जाती है। चार से आठ सप्ताह में हड्डी जुड़कर सामान्य हो जाती है।

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