वाराणसी
वाराणसी में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि “आरोग्यं परमं धनम्” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से घर के निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. वाईबी पाठक ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। यह सर्टिफिकेशन भारत सरकार द्वारा निर्धारित सात मानकों पर आधारित है, जिसमें प्रेग्नेंसी केयर, नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, किशोरावस्था स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन, संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों का प्रबंधन शामिल है।
डॉ. तनवीर सिद्दीकी, मंडलीय क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट, ने बताया कि वाराणसी के 101 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में से 95 केंद्र एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए योग्य पाए गए हैं। इन केंद्रों का डेटा सक्षम पोर्टल पर अपलोड कर राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर भेजा गया है। दिसंबर 2025 तक 150 स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफाइड करने का लक्ष्य है, जिसमें से 19 केंद्र पहले ही प्रमाणित हो चुके हैं। अब तक 14 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का रिवैलिडेशन पूरा हो चुका है, जिनमें से 12 केंद्रों का डेटा भारत सरकार को भेजा जा चुका है।
सामुदायिक और जिला अस्पताल भी सूची में शामिल हैं। 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिनमें 5 शहरी और 7 ग्रामीण केंद्र शामिल हैं, को भी राज्य सरकार को सर्टिफिकेशन के लिए भेजा गया है। जिला अस्पताल लाल बहादुर शास्त्री संयुक्त चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय का स्कोर भी 70 प्रतिशत से अधिक है। इनका डेटा भी राज्य स्तर पर भेजा गया है।
भारत सरकार को 40 स्वास्थ्य केंद्रों का डेटा भेजा गया है, जिसमें से तीन केंद्रों के दौरे की तारीख तय कर दी गई है। अन्य केंद्रों का निरीक्षण जल्द ही होगा। इस पहल से वाराणसी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और भरोसे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
