वाराणसी
वाराणसी : ब्रेन ट्यूमर के इलाज में हुई नई प्रगति, डॉक्टरों ने बताया आधुनिक इलाज का स्वरूप
मेदांता में न्यूरोसर्जरी संगोष्ठी हुई सम्पन्
जिले में शनिवार को मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मेदांता ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिबद्धता और मरीज को शिक्षित करने के अपने केंद्रण के अनुरूप ब्रेन ट्यूमर के इलाज में हुई नई प्रगति और न्यूरोरिहैबिलिटेशन की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेदांता, गुरुग्राम के चेयरमैन, न्यूरोसर्जरी और न्यूरोसाइंसेज, डॉ. वीपी सिंह ने ब्रेन ट्यूमर के इलाज के नए व इनोवेटिव तरीकों के बारे में बताया और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए रिहैबिलिटेशन का महत्व पर जोर दिया।इसके अलावा, डॉ. वीपी सिंह ने वाराणसी न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी (वीएनएस) और बनारस के प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन्स के सहयोग से एक सीएमई सत्र का आयोजन भी किया।

इस सत्र में न्यूरोविज्ञान में हुई नई प्रगतियों के बारे में चर्चा हुई और वाराणसी एवं बाहर बाहर के मरीजों के लाभ के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान किया गया। सीएमई सत्र में वीएनएस के प्रेसिडेंट, डॉ. एसके पोद्दार, वीएनएस के वाईस प्रेसिडेंट, डॉ. वीडी तिवारी; आईएमएस बीएचयू के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर कुलवंत सिंह और वीएनएस के सेक्रेटरी, डॉ. आलोक ओझा मौजूद थे।
डॉ. वी. पी. सिंह, चेयरमैन, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोसाइंसेज, मेदांता, गुरुग्राम ने कहा, “ब्रेन ट्यूमर के इलाज में आधुनिक थेरेपीज़ और टेक्नोलॉजीज़ ने महत्वपूर्ण विकास किया है। अब ध्यान ट्यूमर फ्लोरेसेंस और इंट्राऑपरेटिव एमआरआई जैसी टेक्नोलॉजीज़ द्वारा ब्रेन ट्यूमर को पूरी तरह से हटाने पर केंद्रित किया जाता है। साथ ही मरीज की गतिविधियाँ बनाए रखने पर भी अधिक जोर दिया जाता है। इसके लिए विभिन्न तकनीकों जैसे कंप्यूटर गाइडेड ट्यूमर रिमूवल और न्यूरो-नैविगेशन, इंट्राऑपरेटिव न्यूरो-मॉनिटरिंग, अवेक क्रेनियोटोमी आदि का उपयोग किया जाता है।

ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी को सुरक्षित बनाने में मिनिमली इन्वेज़िव तकनीकों जैसे एंडोस्कोपिक न्यूरोसर्जरी और रेडियोसर्जरी ने भी योगदान दिया है। लोगों को इन प्रगतियों की जानकारी देकर जागरूक बनाना और समय पर निदान के महत्व पर बल दिया जाना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा, इलाज में न्यूरोरिहैबिलिटेशन की रणनीतियों, खासकर रोबोटिक न्यूरोरिहैबिलिटेशन को शामिल करने से भी मरीज को बेहतर परिणाम प्रदान करने और उनकी जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलती है।उन्होंने आगे कहा, “ब्रेन ट्यूमर अनेक कारणों से प्रभावित हो सकता है, जिनमें रेडिएशन का संपर्क, आनुवंशिकी और पर्यावरणीय कारण शामिल हैं। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
मेदांता में हर माह लगभग 300 न्यूरोसर्जरी के मरीज भर्ती होते हैं, जिनमें से अधिकांश मरीज वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और भोपाल जैसे टियर 2 शहरों से आते हैं। इस बीमारी के विषय में जागरूकता तो बढ़ी है, पर लोगों को ब्रेन ट्यूमर बढ़ने के जोखिम को कम करने तथा उसे एडवांस्ड स्टेज में पहुँचने से रोकने के बारे में शिक्षित किए जाने की अत्यधिक जरूरत है।
मेदांता के लिए डॉ. नरेश त्रेहन के विज़न के अनुरूप ऐसे अभियान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक जुड़ाव के प्रति मेदांता का समर्पण प्रदर्शित करते हैं, जो सहानुभूतिपूर्वक और तत्परतापूर्वक असाधारण मेडिकल केयर प्रदान करने तथा विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा सभी लोगों तक पहुँचाने के इसके विस्तृत मिशन के अनुरूप है।
