वाराणसी
वाराणसी : गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी
धार्मिक नगरी काशी में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर रविवार को काशी के 84 घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रातः काल से लेकर सुबह के 11:00 बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में स्नान कर पुण्य की डुबकी लगाई। दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं ने ‘जय गंगा मैया’ का उद्घोष करते हुए स्नान किया और उसके पश्चात घाट पर स्थित मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद पंडितों को दक्षिणा दिया। काशी के 84 घाटों पर एनडीआरफ जल पुलिस एवं कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल के साथ ड्रोन कैमरा से निगरानी की जा रही है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष गंगा दशहरा के दिन ही भगवान शंकर की जटा से वृषभ लग्न में मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं थीं। कहा जाता है कि काशी में महादेव के प्रति लोगों की जितने आस्था है, उतनी ही मां गंगा के प्रति भी है। इस बार 23 साल बाद पंच महायोग बन रहा है। इस महायोग में हर कोई मां गंगा का दर्शन-पूजन कर अमृत फल की कामना कर रहा है।

वाराणसी के गंगा घाटों पर श्रद्धालु मां गंगा में पुण्य के लिए गोते लगा रहे हैं, तो 84 घाटों पर पूजन व आरती भी हो रही है। आज, मां गंगा को करीब 11 सौ मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई जाएगी, जो 250 महिलाओं ने भेंट की है। दशाश्वमेध, अस्सी और पंचगंगा घाट पर विशेष पूजन होना है। वहीं, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शाम को संगीत की रसधार बहेगी।

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी पड़ी है। लोग घाटों पर दान पुण्य के साथ-साथ गंगा आरती कर पुण्य के भागी बन रहे हैं। गंगा दशहरा पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन के ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
