गोरखपुर
यूपी में योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार जल्द
गोरखपुर। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए योगी सरकार गुजरात मॉडल की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्टी कर नई टीम भी उतार सकती है।
करीब 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं। नए सामाजिक समीकरणों के साथ करीब 15 विधायक और पार्टी पदाधिकारियों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी।
गुजरात में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले 16 मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया था। सीएम भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय नेतृत्व से रायशुमारी कर अपनी पसंद से नया मंत्रिमंडल बनाया। इसमें 26 मंत्री बनाए गए, 19 नए चेहरों को जगह दी गई। गुजरात में इसका फायदा मिला था। तब भाजपा ने 182 में से 156 सीटें जीती थीं।
योगी सरकार में अभी सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सहित कुल 21 कैबिनेट, 14 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्यमंत्री हैं।
सरकार में अभी 54 मंत्री हैं, अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इस लिहाज से अभी छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं। 14 दिसंबर 2025 को पंकज चौधरी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। हाल ही में नितिन नवीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब यूपी मंत्रिमंडल विस्तार जल्द हो सकता है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय टीम में एक वर्ग चाहता है कि यूपी में मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया जाए। करीब 50 फीसदी तक मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह संगठन और विधायकों में से नए चेहरों को जगह दी जाए। मौजूदा मंत्रियों को एक साल तक फील्ड में भेजकर चुनाव लड़ने और चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी दी जाए। सरकार में नए चेहरे आने से सामाजिक समीकरण ठीक होगा, नए मंत्री पूरे उत्साह के साथ काम करेंगे। वहीं, मौजूदा मंत्रियों को लेकर संगठन और फील्ड की नाराजगी दूर होगी। सरकार में भी एक नई लीडरशिप तैयार होगी।
हालांकि इससे इतर राय ये भी है कि चुनावी साल में जाने से पहले मंत्रिमंडल में ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहिए। छोटा बदलाव करना चाहिए। मंत्रियों को हटाने की जगह उनके विभाग बदलने चाहिए। खाली पदों पर नए चेहरों को शामिल किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि मंत्रियों को हटाने से वह टिकट कटने की आशंका से सपा में भी शामिल हो सकते हैं।
