चन्दौली
मेटिस द मेडिसिटी हॉस्पिटल के डॉ. रवि एस प्रधान की सर्जरी से नागमणि को मिला नया जीवन
पीडीडीयू नगर (चंदौली)। नेशनल हाईवे, गोधन बाईपास स्थित मेटिस द मेडिसिटी मल्टी हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. रवि एस प्रधान ने ब्रेन और स्पाइन से संबंधित जटिल ऑपरेशनों में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए एक गंभीर दुर्घटना में घायल युवक का सफल ऑपरेशन किया।
ब्रेन और स्पाइन सर्जरी में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध
डॉ. रवि एस प्रधान ने बताया कि उन्होंने अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीएचयू (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) से पूरी की है। मेटिस द मेडिसिटी हॉस्पिटल में ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल ट्यूमर, एक्सीडेंटल हेड इंजरी, ब्लड प्रेशर से होने वाली ब्रेन ब्लीडिंग, दिमागी चोट जैसे जटिल मामलों का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा, “हमारे अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर मौजूद है, जहां बारीक से बारीक सर्जरी के लिए सभी आवश्यक उपकरण 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं।”
मिर्गी, डिप्रेशन और नशा मुक्ति के इलाज की भी सुविधा
डॉ. रवि एस प्रधान ने बताया कि अस्पताल में मिर्गी, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, मेमोरी लॉस, हाथ-पैर में झुनझुनी, अत्यधिक गुस्सा जैसी मानसिक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अस्पताल में साइकोलॉजिकल विशेषज्ञ की सुविधा भी शुरू की जाएगी।
चलती ट्रेन से गिरने के बाद जिंदगी की जंग जीतकर लौटा नागमणि
डॉ. रवि एस प्रधान ने एक हालिया केस का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ महीने पहले नागमणि उर्फ रिशु कुमार झा नामक युवक का गंभीर ट्रेन हादसा हुआ था। चलती ट्रेन से गिरने के कारण उसे गंभीर सिर और दिमाग की चोटें आई थीं। वाराणसी सहित कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद, उसे मेटिस द मेडिसिटी हॉस्पिटल में लाया गया।
उस समय उसकी स्थिति काफी गंभीर थी और उसके बचने की उम्मीदें बेहद कम थीं। लेकिन डॉ. प्रधान ने बारीकी से जांच-पड़ताल करने के बाद दो चरणों में जटिल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद नागमणि को कई हफ्तों तक आईसीयू में रखा गया और फिर वार्ड में विशेष देखभाल की गई। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है और अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आया है।
परिवार ने जताया डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन का आभार
नागमणि के मौसा सोहन कुमार झा, जो कि अरुणाचल प्रदेश में सीआरपीएफ में एएफआई पद पर तैनात हैं, ने बताया कि नागमणि अब घर पर रहकर अच्छे से पढ़ाई और क्रिकेट खेल रहा है। उन्होंने कहा, “डॉ. रवि एस प्रधान और उनकी पूरी टीम ने जो किया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं। मैं भगवान से उनकी लंबी उम्र और सफलता की कामना करता हूं।”
नागमणि के पिता पवन कुमार झा बिहार के सुपौल जिले के संस्कृत निर्मली गांव के निवासी हैं। इस कठिन समय में उसके मौसा ने उसकी पूरी देखभाल की।
युवाओं में बढ़ रही हेड इंजरी की समस्या पर जताई चिंता
डॉ. प्रधान ने बताया कि आज की सबसे बड़ी समस्या हेड इंजरी है, जो कि युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “चाहे यह काम के दौरान हो या किसी दुर्घटना में, हेड इंजरी के मामले बढ़ रहे हैं। यदि मरीज और उनके परिवारजन हमारे दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो हम हर संभव कोशिश करते हैं कि मरीज को पूरी तरह स्वस्थ किया जा सके।”
मेटिस द मेडिसिटी हॉस्पिटल अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं और अनुभवी चिकित्सकों के साथ ब्रेन और न्यूरोलॉजिकल सर्जरी के क्षेत्र में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
