मिर्ज़ापुर
मीरजापुर को टीबी मुक्त बनाने के लिए सघन अभियान शुरू
मीरजापुर जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक सघन टीबी अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस अभियान में ईट भट्ठा, मलिन बस्ती, क्रेशर प्लांट, जेल जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के साथ-साथ साठ वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों और धूम्रपान सेवन करने वालों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि टीबी रोगियों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा सके।
टीबी मुक्त जनपद की दिशा में इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में कार्यरत सीएचओ, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन माध्यमों से अधिक से अधिक टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज की सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

शनिवार को चुनार पीएचसी पर आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र की सभी आशाओं को टीबी के लक्षणों और सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार पटेल की उपस्थिति में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने अधीनस्थों के माध्यम से टीबी रोगियों को पहचानकर इलाज से जोड़ने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सतीश यादव ने आगे बताया कि इस अभियान में स्वस्थ हुए टीबी मरीजों के बीच से टीबी चैंपियनों का चयन कर उन्हें अभियान से जोड़ने की जिम्मेदारी भी आशाओं को दी गई है, जिससे जनपद 2025 तक टीबी मुक्त जनपद बन सके और प्रधानमंत्री के “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को साकार किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि नवंबर 2025 से टीबी मरीजों को अब प्रतिमाह 500 की बजाय 1000 की राशि इलाज अवधि के दौरान उनके खाते में दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अखिलेश कुमार यादव, इफ्तिखार अहमद, सर्वेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
