मिर्ज़ापुर
मीरजापुर : अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार
मीरजापुर जिले के थाना पड़री के अंतर्गत ग्राम कठिनई स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर से बेशकीमती अष्टधातु की श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी जी की प्राचीन मूर्तियों की चोरी का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया। इन मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत 30 करोड़ है। चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक आरोपी खुद शिकायतकर्ता था।
14 जनवरी 2025 को वादी वंशीदास गुरु महामंडलेश्वर जयराम दास महराज द्वारा थाना पड़री में तहरीर दी गई थी कि अज्ञात बदमाशों ने श्रीराम-जानकी मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियाँ चुरा ली हैं। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, सोमेन बर्मा के दिशा-निर्देश पर पुलिस टीम ने इस चोरी के मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी के बारे में सुरागरसी और पतारसी की कार्रवाई की।

शनिवार को पुलिस टीम को एक सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर थाना पड़री क्षेत्र स्थित हाईमाई मंदिर के पास बोलेरो सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में वंशीदास (वादी मुकदमा), लवकुश पाल, मुकेश कुमार सोनी और रामबहादुर पाल शामिल हैं। आरोपियों के पास से चोरी की गई बेशकीमती मूर्तियाँ और अन्य वस्तुएं बरामद की गईं। बरामद मूर्तियों में श्रीराम जी (22.030 किग्रा), लक्ष्मण जी (22.430 किग्रा) और जानकी जी (21.590 किग्रा) शामिल हैं। इसके अलावा 2 मुकुट, 1 हार और 1 मछलीनुमा कुण्डल भी बरामद किया गया।

आपराधिक इतिहास और गिरफ्तारी
पूछताछ में आरोपी वंशीदास ने बताया कि उसने मंदिर के स्वामित्व विवाद के कारण यह चोरी की योजना बनाई थी। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मूर्तियों को चुराया और उन्हें छुपाकर रख लिया था।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वंशीदास और मुकेश कुमार सोनी के खिलाफ विभिन्न गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
इस मामले की सफलता के बाद मीरजापुर पुलिस टीम को 40,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक, विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर ने इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम की सराहना की।
