वाराणसी
महिला आईपीएस के विरोध में सड़क पर उतरे वकील, पुलिस कमिश्नर और डीएम ऑफिस घेरा
वाराणसी। शनिवार को शहर में वकीलों ने महिला आईपीएस नीतू कादयान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब 500 से अधिक की संख्या में वकील पुलिस कमिश्नर और डीएम ऑफिस के आवास के बाहर पहुंचकर घेराव किया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस दौरान पुलिस फोर्स को भी ललकारा गया। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के चलते पुलिस कमिश्नर और डीएम समेत कई अफसर अपने कार्यालय नहीं पहुंचे। ज्यादातर वकीलों का सुर एक ही था कि महिला आईपीएस अधिकारी को बनारस से हटाया जाए।
वकीलों का आरोप है कि लेडी ऑफिसर ने अधिवक्ताओं के साथ बदसलूकी की थी। वकीलों की ओर से कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें ADCP वरुणा जोन नीतू कादयान, ACP क्राइम, ACP कैंट नितिन तनेजा, थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्र तथा 50 अज्ञात दरोगा और 50 अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला?
बड़ागांव थाना के पुआरी खुर्द गांव में दो पड़ोसियों गोहित सिंह और प्रेमचंद्र मौर्या के बीच जमीन विवाद था। मोहित पक्ष का आरोप है कि आराजी संख्या-125 पर अस्थायी स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कराया जा रहा है, जबकि प्रेमचंद्र पक्ष का कहना है कि वह आराजी संख्या-126 पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वैध निर्माण कर रहे हैं। दोनों पक्षों में मतभेद के कारण 28 जून 2025 को दो अलग मुकदमे दर्ज हुए थे।
13 सितंबर को समाधान दिवस जनसुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे आपस में भिड़ गए। शांति भंग के आरोप में पुलिस ने दोनों पक्षों का चालान किया। आरोप है कि इस दौरान थाने के दरोगा ने एक वकील से मारपीट की।
16 सितंबर को बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश प्रजापति और एक सिपाही कचहरी में रिमांड पर्चा लेने पहुंचे। वकीलों ने दरोगा को घेरकर पीटना शुरू कर दिया, जिसमें दरोगा गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी सूचना पर डीएम सत्येंद्र कुमार, डीआईजी शिवहरी मीणा, ADCP नीतू कादयान समेत छह थानों की करीब 300 पुलिस फोर्स कचहरी क्षेत्र में पहुंची।
वकीलों का आरोप और मांग:
17 सितंबर को वकील राघवेंद्र नारायण दुबे ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि 16 सितंबर को कुछ वकीलों ने सूचना दी कि थाना प्रभारी कैंट और पुलिस चौकी प्रभारी कचहरी गेट नंबर दो में आकर वरिष्ठ वकीलों को गालियां देते हुए लाठी-डंडे से पीट रहे थे। सूचना मिलने के बाद जब वह मौके पर पहुंचे, तो देखा कि ADCP नीतू कादयान और थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र ने गेट का ताला बंद कर दिया। पुलिस कमिश्नर से बातचीत के 40 मिनट बाद गेट खोला गया। इस दौरान चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी ने मिलकर वकीलों पर ईंट-पत्थर चलाए।
वकीलों की मांग है कि इन पुलिस अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। वहीं, सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस कमिश्नर ऑफिस और डीएम कार्यालय के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है, जबकि वकील लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस घटना ने वाराणसी में कानून व्यवस्था और पुलिस-वकील संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
