गोरखपुर
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य एआई हैकाथॉन में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों ने आई आई टी कानपुर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन 2026’ में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यह हैकाथॉन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के नेतृत्व में, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य एवं डेटा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर-एनआईआरडीएचडीएस) तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के सहयोग से 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया था। यह प्रतियोगिता भारत एआई इंपैक्ट समिट 2026 की पूर्व-संध्या पर हुई थी।
इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 374 टीमें प्रतिभाग कर रही थीं जिनमें एआई शोधकर्ता, डेटा वैज्ञानिक, हेल्थ-टेक स्टार्टअप्स तथा प्रमुख तकनीकी संस्थानों के प्रतिभागी शामिल थे। इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी मंच पर विश्वविद्यालय की दो टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी क्षमता सिद्ध की।
टीम “सुश्रुत” (अमर्त्य पांडेय, सक्षम शर्मा, अनुराग बनर्जी तथा पुष्कर जायसवाल) ने बोन एज प्रेडिक्शन श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं टीम “डेव टाइटन्स” (सक्षम मिश्रा, स्नेहिल सक्सेना तथा सौम्य श्रीवास्तव) ने डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग श्रेणी में तृतीय स्थान हासिल किया।
हैकाथॉन के दौरान विकसित एआई मॉडलों का मूल्यांकन एक कठोर संयुक्त मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसमें आंकड़ों की गोपनीयता, मॉडलों की विश्वसनीयता तथा वैज्ञानिक शुद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी परीक्षण में सफल होना प्रतिभागियों की गहन अनुसंधान क्षमता तथा व्यावहारिक कौशल को दर्शाता है।
विजेताओं को आईआईटी कानपुर में प्रमाण-पत्र तथा नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई जैसे संवेदनशील एवं प्रभावशाली क्षेत्र में यह उपलब्धि छात्रों की तकनीकी दक्षता को उजागर करती है तथा यह भी प्रमाणित करती है कि देश के उभरते शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी राष्ट्रीय नवाचार अभियानों में प्रभावी योगदान देने में सक्षम हैं।
यह सफलता गोरखपुर एवं उत्तर प्रदेश के युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है तथा स्वास्थ्य एआई के क्षेत्र में देशव्यापी नवाचार को बढ़ावा देने वाली दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
