मिर्ज़ापुर
मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में कृषि निर्यात पर अहम बैठक सम्पन्न
मिर्जापुर। विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में मण्डल स्तरीय कृषि निर्यात निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि निर्यात नीति में हुए महत्वपूर्ण संशोधनों पर चर्चा की गई। सहायक कृषि विपणन अधिकारी डॉ. अमित यादव ने परिवहन अनुदान, ग्लोबल गैप एवं जैविक खेती सर्टिफिकेशन, एमआरएल टेस्टिंग हेतु अनुदान की जानकारी मण्डल के किसानों, एफपीओ और निर्यातकों को दी।

बैठक में जैविक क्लस्टर, देसी बाजरा और ताजी सब्जियों के क्लस्टर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मण्डलायुक्त ने बताया कि क्लस्टर आधारित निर्यात से किसानों को वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही नए क्लस्टर के गठन और कृषि निर्यात नीति में नए फसलों को शामिल करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात पर परिवहन अनुदान देने की नीति को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। भदोही के निर्यातक श्री शाश्वत पांडेय द्वारा इस योजना का लाभ उठाने का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। मण्डलायुक्त ने जीआई (भौगोलिक संकेतक) उत्पादों के अधिकृत उपयोगकर्ता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसमें आदम चीनी चावल, बनारसी लंगड़ा आम, बनारसी पान, रामनगर भाटा और बनारसी ठंडई को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकृत उपयोगकर्ता बनने से किसानों को उनके उत्पाद का प्रीमियम मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी और कृषि निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. अशोक उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेन्द्र कुमार, अपर आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रसाधन सहित पशुपालन, मत्स्य, मंडी और उद्यान विभाग के अधिकारी, सहायक कृषि विपणन अधिकारी और मण्डल के किसान, एफपीओ तथा निर्यातक उपस्थित रहे।
