गोरखपुर
मगहर महोत्सव की अंतिम रात बेवफा गीतों के नाम
श्रोताओं ने उठाया संगीत का भरपूर आनंद
संतकबीर नगर। विश्व विख्यात संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में आयोजित मगहर महोत्सव का समापन रविवार की रात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। महोत्सव की अंतिम रात पूरी तरह से बेवफा गीतों और भावनात्मक संगीत प्रस्तुतियों के नाम रही, जिसने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में आमंत्रित कलाकारों ने एक से बढ़कर एक बेवफाई, जुदाई और प्रेम-विरह पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। मंच से गूंजे गीतों ने जहां युवाओं को झूमने पर मजबूर किया, वहीं बुजुर्ग श्रोता भी पुराने गीतों की मधुर धुनों में खोए नजर आए। कई गीतों पर दर्शक मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते दिखे।
महोत्सव स्थल पर भारी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आयोजकों की ओर से मंच सज्जा और ध्वनि व्यवस्था की भी सराहना की गई।
गौरतलब है कि मगहर महोत्सव हर वर्ष संत कबीर की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-प्रदेश से कलाकार, साहित्यकार और श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस वर्ष भी कई दिनों तक चले कार्यक्रमों में भजन, कवि सम्मेलन, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव को यादगार बना दिया।अंतिम रात के साथ ही मगहर महोत्सव का औपचारिक समापन हो गया, लेकिन बेवफा गीतों की गूंज और दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट देर तक माहौल में बनी रही।
