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वाराणसी

बेमौसम बारिश से गिरा तापमान, फसलों को नुकसान

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वाराणसी में पश्चिमी विक्षोभ के कारण गुरुवार को बेमौसम बारिश हुई, जिससे तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 मार्च तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा, इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ही वाराणसी में मौसम दो दिन से बदला बदला लग रहा है। इसमें गुरुवार की भोर में शहरी और कुछ ग्रामीण इलाके में बूंदाबांदी हुई। स्थिति यह थी कि लोग बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर खड़े रहे। सड़क पर भी सन्नाटे जैसा माहौल हो गया।

चोलापुर में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, किसान चिंतित

वहीं, चोलापुर क्षेत्र में गुरुवार को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल और कटी हुई सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में दोपहर में भी हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे फसलें भीग गईं।

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बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, “पश्चिमी विक्षोभ का असर 22 मार्च तक बना रहेगा। इस दौरान तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है।” गुरुवार को अधिकतम तापमान औसत से 4.6 डिग्री कम होकर 29.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री दर्ज किया गया।

फसलों पर बुरा असर, किसान परेशान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, चना और मटर की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पककर तैयार गेहूं की बालियां गिर गई हैं, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी।

किसान भानु प्रताप सिंह, हरिशंकर सिंह और अजय सिंह ने बताया कि प्याज, लहसुन और अन्य सब्जियों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि, ओले का आकार छोटा होने के कारण नुकसान थोड़ा कम हुआ, लेकिन यदि ओले बड़े होते तो स्थिति और गंभीर हो जाती।

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10 से 15 प्रतिशत तक उत्पादन में गिरावट की आशंका

कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं सहित दलहनी और तिलहनी फसलों पर 10 से 15 प्रतिशत तक असर पड़ेगा। गेहूं की बालियों के गिरने और फूलों-फलों के झड़ने से उत्पादन में गिरावट की आशंका है।

किसानों ने सरकार से मांग की है कि वे फसलों की क्षति का आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा प्रदान करें ताकि उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो।

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