वाराणसी
बिजली कटौती ने वाराणसी में बनाया रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री के आदेश की हो रही अवहेलना
देश हित में बिजली बचाने का अधिकारी कर रहे निवेदन
काशी में बढ़ते तापमान, तीखी धूप और गर्म हवाओं का असर है कि गर्मी भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस बीच बिजली कटौती ने मुसीबत और बढ़ा दी है। शहर से लेकर गांव तक बिजली इस तरह की कट रही है कि लोग गर्मी से परेशान हो गये हैं। जानकारी के अनुसार पिछले 1 सप्ताह में 3500 से अधिक शिकायत विभाग के हेल्प लाइन नंबर के मध्यम से दर्ज हुआ हैं इसके आलावा लोग सोशल मीडिया पर भी एक्स पर शिकायत दर्ज कर रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीषण गर्मी को देखते हुए बिजली विभाग को निर्देश देते हुए कहा है कि, गांव हो या शहर बिजली आपूर्ति अनावश्यक रूप से नहीं कटनी चाहिए। लेकिन फिर भी बिजली विभाग के ऊपर मुख्यमंत्री के आदेश का कोई असर नहीं हो रहा है।

मुख्य अभियंता वाराणसी क्षेत्र रविंद सिघल ने उपभोक्ताओं से देश हित में बिजली बचाने की अपील करते हुए एडवाइजरी जारी की। जिसमें लिखा है, उपभोक्ता बिजली के सभी विद्युत उपकरण एक साथ न चलाएं l सबमर्सिबल पंप, वाशिंग मशीन, प्रेस इत्यादि उपकरण का प्रयोग सुबह 6 से 9 बजे के बीच करें। एसी की टेंप्रेचर सेटिंग 24 डिग्री रखें। एनर्जी एफिशिएंट विद्युत उपकरणों का प्रयोग करें। मात्र सजावट और दिखावे के लिए विद्युत की फिजूल खर्ची ना करें।
शहर में वीवीआईपी इलाके यानी जहां कलेक्टर, कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी रहते हैं, उसकी आपूर्ति पन्नालाल पार्क उपकेंद्र से होती है। स्थिति यह है कि यहां भी हर दिन 20 से 30 मिनट की पांच से छह बार कटौती हो रही है। इस इलाके में ट्रिपिंग की भी खूब हो रही है, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। बिजलीघर में लगे ट्रांसफार्मरों को कूलर में बर्फ डालकर ठंडा किया जा रहा है। हालत यह है कि जहां कलेक्टर, कमिश्नर रहते हैं, उस इलाके में भी 30-30 मिनट की कटौती हो रही है।
इधर अस्पताल में भी ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है। ट्रिपिंग की वजह से आपूर्ति भी बाधित हो रही है। इसका असर जांच सहित अन्य कामकाज पर पड़ रहा है। बिजली उपकेंद्रों पर लगे पावर ट्रांसफाॅर्मरों का भी तापमान बढ़ा दिया। ट्रांसफाॅर्मर को ठंडा करने के लिए अलग-अलग उपकेंद्रों पर 20 क्विंटल से अधिक बर्फ की खपत हो गई।
