वाराणसी
बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों तक खानेपीने की चीजें पहुंचाया जाय-डीएम
वाराणसी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा आज बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने निकले और जनपद के विभिन्न बाढ़ राहत कैम्पों की व्यवस्था का जायज़ा लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
बनारस वर्तमान में बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित है गंगा, वरुणा के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिये हुए हैं उनका शिविरों में आने का क्रम जारी है। भ्रमण के दौरान जे पी मेहता इंटर कालेज में बने बाढ़ राहत शिविर, भदैनी बाढ़ राहत शिविर,नगवा क्षेत्र के बाढ़ राहत शिविर तथा सामने घाट के मारूति नगर कालोनी क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का एनडीआरएफ बोट से निरीक्षण किया।
भदैनी के गौरीशंकर गोयनका इन्डाउमेन्ट ट्रस्ट गोयंका संस्कृत महाविद्यालय में बने बाढ़ राहत शिविर में निरीक्षण के दौरान कमरों में दरी बिछवाने के लिए मौके पर एडीएम सिटी को निर्देशित किया और शरणागत लोगों से नाश्ते व खाने पीने के बारे में पूछताछ की। नगवा के ही एक अन्य टेंट शिविर में 25 रुके हुए परिवार के लोगों के लिए तत्काल जल निगम से वाटर टैंक मंगाने, मोबाइल टायलेट लगवाने भोजन आदि की व्यवस्था कराने का निर्देश देते हुए सफाई कर्मचारी तैनात करने को कहा।
भ्रमण के दौरान उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत शिविरों के आसपास के क्षेत्रों में जो लोग अपने अपने मकानों में हैं उनको भी शिवरों में तैयार किये गये भोजन से दिया जाये। इसके लिए लोगों को सूचित किया जाय।
मारुति नगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का एनडीआरएफ की टीम के साथ बोट से निरीक्षण करने के दौरान देखा कि नदी के बेसिन क्षेत्र में अवैध निर्माण किये जा रहे हैं जो कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का उल्लंघन है, जिससे बाढ़ग्रस्त इलाकों में डूबने वाले रहाइशी इलाकों का क्षेत्रफल भी बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों की सहायता की मांग सुनने के बाद कहा कि इस क्षेत्र में जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगायी जायेगी साथ ही एक साल के अन्दर बने अवैध निर्माण को भी सील किया जायेगा।
