गोरखपुर
फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी, सांसद रवि किशन ने जताया आभार
गोरखपुर में विकास की दिशा में एक अहम पहल के तहत फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही गोरखपुर उन चुनिंदा शहरों की श्रेणी में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है, जहां आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था को विकसित किया जा रहा है।
यह परियोजना शहर के चिलुआताल क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जो करीब 80 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी। जलाशय की सतह पर तैयार होने वाला यह फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भूमि के उपयोग को कम करेगा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा। इसकी अनुमानित लागत लगभग 140 करोड़ रुपये बताई गई है।
प्रस्तावित परियोजना की क्षमता 20 मेगावाट (एसी) निर्धारित की गई है, जिसे सीधे विद्युत ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसके शुरू होने के बाद क्षेत्र में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की आपूर्ति को बल मिलेगा, वहीं पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट का निर्माण Coal India Limited द्वारा किया जाएगा। कोयला उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी यह कंपनी अब नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और गोरखपुर की यह योजना उसी दिशा में उठाया गया कदम मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को पूर्ण रूप से तैयार होने में लगभग पांच वर्षों का समय लगेगा। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि सभी तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
इस योजना को मंजूरी दिलाने में गोरखपुर के सदर सांसद रवि किशन शुक्ला की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। लंबे समय से इस परियोजना को लेकर प्रयास किए जा रहे थे, जिसके बाद अब इसे कैबिनेट की स्वीकृति प्राप्त हुई है। सांसद ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस उपलब्धि पर नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से गोरखपुर को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है, जिससे शहर को नई पहचान मिलेगी और विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी।
गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी इसी परियोजना से जुड़ी हुई है। अयोध्या में हो रहे व्यापक विकास कार्यों की तर्ज पर गोरखपुर को भी आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में इसे एक अहम पहल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के कई फायदे होते हैं। इससे जमीन की बचत होती है, जल का वाष्पीकरण कम होता है और पानी के ऊपर स्थापित होने के कारण सोलर पैनलों की कार्यक्षमता भी बेहतर रहती है।
यह परियोजना गोरखपुर के लिए कई दृष्टियों से लाभकारी साबित हो सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
अब इस परियोजना के क्रियान्वयन पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि यह निर्धारित समय सीमा में पूरा हो जाता है, तो गोरखपुर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने वाले शहरों में अपनी सशक्त पहचान बना सकता है।
