वाराणसी
फर्जी दस्तावेजधारी बांग्लादेशी को एटीएस ने दबोचा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र से फर्जी दस्तावेजों के सहारे 15 वर्षों से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम होल मोंग सिंग मार्मा है, जो बांग्लादेश के बंदवन जिले के नायककपारा रूमा का मूल निवासी है।
होल मोंग सिंग मार्मा ने मोंग फू मोग नाम से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवा कर वाराणसी में स्थायी निवास बना लिया था। वह सारनाथ म्यूजियम के पास एक हैंडिक्राफ्ट की दुकान में कार्यरत था और स्थानीय लोगों की नजर में बंगाल का निवासी होने का दावा करता था।
तीन दिन की सर्चिंग के बाद ATS को मिली सफलता
ATS को खुफिया सूत्रों से सूचना मिली थी कि पूर्वांचल में कुछ विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के सहारे छिपकर रह रहे हैं। इसी सिलसिले में ATS की टीम ने सारनाथ क्षेत्र में तीन दिनों तक गहन सर्च अभियान चलाया। मंगलवार की रात अंततः म्यूजियम के पास एक दुकान से उसे दबोच लिया गया।
फर्जी दस्तावेज और दलाल का सहारा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोंग फू मोग ने दलालों के जरिए म्यांमार में फर्जी भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाए थे। वह सितंबर 2010 में भारत आया था। असम और बिहार होते हुए वह माल्दा टाउन से ट्रेन पकड़ कर वाराणसी पहुंचा और बरईपुर क्षेत्र में किराए पर रहने लगा।
बुद्धिस्ट टेंपल में काम से शुरू हुई नई जिंदगी
सारनाथ पहुंचने के बाद मोंग फू मोग ने स्थानीय बौद्ध मंदिर में हेल्पर के तौर पर काम करना शुरू किया। वहीं के पते पर आधार कार्ड बनवाकर खुद को पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले का निवासी घोषित किया।
म्यांमार की युवती से की शादी
2019 में सारनाथ आए म्यांमार के पर्यटकों के दल के साथ कार्य करते समय उसकी एक युवती से दोस्ती हुई, जो बाद में शादी में बदल गई। वह म्यांमार जाकर शादी करके लौटा, हालांकि पत्नी अब भी म्यांमार में ही रहती है और कभी-कभार वाराणसी आती है।
पीएम मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 मार्च को वाराणसी दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर हैं। इसी क्रम में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके तहत यह गिरफ्तारी हुई।
पुलिस और ATS कर रही है गहन जांच
ATS की तहरीर पर सारनाथ थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी से ATS और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही है। आरोपी के पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित कई अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी वैधता की जांच की जा रही है।
वहीं इस मामले में एसीपी डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि, “यह गिरफ्तारी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से भारत में अवैध तरीके से दस्तावेज बनवाए और वर्षों तक छिपकर रहा। जांच जारी है।”
