गाजीपुर
प्रशासन का चाबुक, तीन साल से अवैध कब्जे में फंसा चकमार्ग मुक्त
जखनिया (गाजीपुर) जयदेश। दुल्लहपुर थाना अंतर्गत ग्राम सभा अमारी के कदिशाह पुर गांव में पिछले तीन वर्षों से जारी चकमार्ग के विवाद का प्रशासन ने अंततः निस्तारण कर दिया। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर अवैध कब्जा हटवाया और वर्षों से अवरुद्ध रास्ते को ग्रामीणों के लिए बहाल कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, कदिशाह पुर गांव में लालबहादुर चौहान द्वारा चकमार्ग पर ईंटें और झाड़-झंखाड़ रखकर रास्ता पूरी तरह बाधित कर दिया गया था। आरोप है कि यह कब्जा कथित तौर पर प्रधान पति कमलेश चौहान के संरक्षण में किया गया था। इस रास्ते के बंद होने से स्थानीय निवासी शिवचंद चौहान का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था, जिसके कारण दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव और विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

पीड़ित शिवचंद चौहान ने न्याय की आस में राजस्व विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन के चक्कर काटे। कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं निकला, तो मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ।
शनिवार को उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के नेतृत्व में कानूनगो, लेखपाल और दुल्लहपुर थाने की भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची। प्रशासन ने कड़ाई दिखाते हुए लालबहादुर चौहान द्वारा किए गए अवैध कब्जे (ईंट और झाड़) को हटवाकर चकमार्ग को पूरी तरह साफ कराया।
