गोरखपुर
प्रभारी विहीन चौकी, बेखौफ चोर और सवालों में पुलिसिंग
अपराध के दुनिया में महुआडाबर का खौफनाक रहस्य!
गोरखपुर। जिले के खजनी थाना क्षेत्र की महुआडाबर चौकी एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में अर्जुन पटेल को सूर्य बिहार चौकी से स्थानांतरित कर महुआडाबर चौकी भेजा गया, जबकि यहां के चौकी इंचार्ज रहे अभिषेक सिंह को तिवारीपुर थाना अंतर्गत जाफरा बाजार चौकी स्थानांतरित कर दिया गया। स्थानांतरण के बाद करीब पांच दिनों तक महुआडाबर चौकी प्रभारी विहीन रहा। पांच दिन बाद आज बुधवार को नवागत चौकी इंचार्ज अर्जुन पटेल खजनी थाने में आमद कर महुआडाबर चौकी का कार्यभार संभाला। लेकिन इस अंतराल ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी दौरान महुआडाबर में सक्रिय चोर गिरोह की गतिविधियां उजागर हुईं। गांव में दाह संस्कर पर पहुंचे एक मैजिक लोडर वाहन में लगी स्टेपनी को उसके असली स्वामी ने पहचान लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मिनी लोडर को थाने लाकर चोरी की स्टेपनी समेत अन्य सामान बरामद किया।
पूछताछ में चालक ने कंदराई निवासी अखिलेश यादव द्वारा टायर, रिम, जैक आदि महज एक हजार रुपये में खरीदने की बात स्वीकार की। पुलिस जब कथित खरीदार तक पहुंची तो वह फरार मिला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर चोरी के माल के खरीदारों पर कार्रवाई ढीली रही।
ग्रामीणों के मुताबिक महुआडाबर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक मोटर, स्टेपनी, लोहे की सामग्री, बैटरी आदि की चोरी अब आम बात हो गई है। लापरवाही और निगरानी की कमी से चोर बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
क्या है महुआडाबर का रहस्य?
खजनी थाना मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित महुआडाबर का आपराधिक इतिहास पुराना और गंभीर रहा है। अतीत में यहां संगीन अपराधों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनकी वजह से इलाके की छवि लंबे समय तक दहशत से जुड़ी रही। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस प्रशासन को यहां चौकी स्थापित करनी पड़ी। वर्षों बाद भी चौकी आज तक गांव के भवन में ही संचालित हो रही है; स्थायी भवन का इंतजार अब भी जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीचोंबीच स्थित चौकी का लंबे समय तक प्रभारी विहीन रहना खतरे से खाली नहीं रहता है। अब नए प्रभारी ने कार्यभार संभाल लिया है, लोगों को उम्मीद है कि गश्त, त्वरित कार्रवाई और चोरी के नेटवर्क पर सख्ती से लगाम लगेगी। सवाल यही है—क्या प्रशासन महुआडाबर की पुरानी छाया को फिर लौटने से रोक पाएगा, या लापरवाही एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती देगी?
