वाराणसी
पूर्व सांसद राजेश मिश्रा समेत तीन कांग्रेसी नेता को मिलीं जमानत
वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पंचम) एमपी-एमएलए कोर्ट उज्जवल उपाध्याय की अदालत ने चक्काजाम, सरकारी संपत्तियों को नुकसान करने से रोकने पर पुलिस से मारपीट व गाली-गलौज करने के मामले में आरोपी पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, राजेश खत्री और हीरामनी गुप्ता के ख़िलाफ जारी गैर जमानती वारंट समर्पण के बाद निरस्त कर दिया। अदालत ने 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर इस शर्त के साथ रिहा करने का आदेश दिया कि भविष्य में स्वयं कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद रहेंगे। जिसकी अगली तिथि 23 अगस्त 2022 को मुकर्रर की। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव वर्मा, रोहित मिश्रा, सनी गुप्ता व शैदा रिज़वी ने पक्ष रखा।
पूर्व सांसद के अधिवक्ता संजीव वर्मा के मुताबिक चर्चित अपराधी बाबू यादव ने पूर्व कांग्रेस नेता व वर्तमान सरकार में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालू पर गोली चलाकर जानलेवा हमला के विरोध में चक्काजाम कर अपराधी की गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर तत्कालीन सांसद राजेश मिश्रा, संजीव जैन, अनिल श्रीवास्तव अन्नू, शंभू नाथ बाटूल, हीरामनी गुप्ता, मधुराय,राजेश खत्री, दिलीप यादव, प्रवीण सिंह बबलू, दयाशंकर सिंह सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जिसमें नामजद आरोपी नेता रिहा हो गए थे। तत्कालीन सांसद होने के नाते पत्रावली एमपी-एमएलए कोर्ट इलाहाबाद स्थानांतरित कर दिया गया था, वहां उपस्थित न होने पर इन सभी के खिलाफ़ वारंट जारी किया गया था, वाराणसी में एमपी-एमएलए कोर्ट की स्थापना के बाद पत्रावली यहां भेज दी गई थी, इसी मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
