सियासत
पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल हो सकते हैं वाराणसी संसदीय सीट से सपा के उम्मीदवार
वाराणसी। देश में होने वाले लोकसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी, इंडिया गठबंधन का एक घटक दल है लेकिन सूत्रों की माने तो वाराणसी संसदीय सीट से वह अपने कद्दावर नेता प्रदेश के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल को चुनाव के मैदान में उतार सकती है।
पार्टी के सूत्रों ने बताया कि, वाराणसी संसदीय सीट से दो नाम चल रहे हैं एक पूर्व मंत्री और सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह तथा दूसरे पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल इस सीट के प्रमुख दावेदार हैं, लेकिन सुरेंद्र पटेल के नाम पर पार्टी में आम सहमति बन रही है क्योंकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों इंडिया गठबंधन के घटक हैं।
वाराणसी संसदीय सीट पर 2019 में हुए लोकसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार शालिनी यादव लगभग 2 लाख मत पाकर दूसरे स्थान पर थीं, जबकि कांग्रेस के अजय राय सवा लाख मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहें। इसलिए समाजवादी पार्टी वाराणसी सीट को गठबंधन के बंटवारे में छोड़ना नहीं चाहती है।
गुरुवार को वाराणसी में एक दिवसीय दौरे पर आए सपा के प्रमुख व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सुरेंद्र सिंह पटेल के पुत्र और पुत्र वधू को आशीर्वाद देने गए थे। इसके अलावा पार्टी के पूर्व विधायक सत्य प्रकाश सोनकर की पत्नी पूनम सोनकर के भी यहां भी गए थे। उन्होंने संकट मोचन मंदिर के महंत विशंभर नाथ मिश्र की माता के निधन पर भी शोक व्यक्त किया था। कुछ अन्य स्थानों पर भी उन्होंने दौरा किया था और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा नेताओं की नब्ज टटोलने के बाद लखनऊ वापस लौट गए।
सूत्रों का कहना है कि, वाराणसी संसदीय सीट के दो विधानसभा क्षेत्र सेवापुरी और रोहनिया में कुर्मी मतदाताओं की संख्या अधिक है तथा तथा सुरेंद्र पटेल इसी बिरादरी से आते हैं। इसलिए भी उनका दावा मजबूत है। बाकी शहर की तीन विधानसभा क्षेत्रों में भी कुर्मी मतदाता काफी संख्या में है। इसके अलावा सपा के परंपरागत यादव मतदाताओं की भी संख्या अधिक है। पार्टी अध्यक्ष तथा शीर्ष नेताओं का मानना है यदि पटेल और यादवों का समर्थन पूरा मिल जाए तो मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव भी सपा की ओर होगा जिससे सुरेंद्र पटेल की स्थिति बेहतर होगी।
