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वाराणसी

पूर्वांचल में नौतपा लहर का कहर जारी, मरीजों से भरे अस्पताल

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आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में भी जगह नहीं

वाराणसी। पूरे देश में वैसे तो गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस बार लोगों को गर्मी ज्यादा सता रही है। पूर्वांचल के कई जिलों में पिछले कई दिनों से ताप लहर (नौतपा) का कहर जारी है। वाराणसी सहित आस-पास के जनपदों में अधिक तापमान 45 से 49 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। अस्पताल के वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में भी जगह नहीं रह गई है।

ज्यादा लोगों को सिर दर्द और पेट दर्द की शिकायत हो रही है। सर सुंदर लाल चिकित्सालय, कबीर चौरा स्थित श्री शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय जिला चिकित्सालय, दीनदयाल चिकित्सालय, सीएचसी और पीएचसी केन्द्रों पर जाकर लोग अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ मरीजों को वार्ड रूम में जगह नहीं होने के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है। ओपीडी में भी दवाएं आने का इंतजार है। कबीर चौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में पिछले 25 घंटे के अंदर ही दवाओं का आंकड़ा 50 के पार पहुंच गया है। पैथोलॉजी केन्द्रों में भी भारी भीड़ लगी हुई है। चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं दिनदयाल अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में 130 मरीजों के पहुंचने की जानकारी मिली है।

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण लोगों के मरने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 170 के आस-पास लोगों की मौत हो चुकी है। वाराणसी में भी 7 लोगों ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत लू से हुई है या किसी भी कारण से इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मणिकर्णिका घाट और हरिशचंद्र घाट पर शवों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। शव जलाने के लिए शमशान घाट पर जगह कम पड़ रहा है। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

पांडेपुर स्थित दीनदयाल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ लग रही है। ‌अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. दिग्विजय सिंह ने मरीज की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर में तत्काल देखभाल से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की अलग से ड्यूटी लगाई है।‌ अस्पताल में चौतरफा कूलर की व्यवस्था कर दी गई है। ताकि मरीजों और उनके अभिभावकों को लू से बचाया जा सके। मरीज को आइस पैक के साथ ही पर्याप्त मात्रा में ओआरएस का घोल देने के बाद उनका इलाज किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सक ने खुद ही कमान संभाल रखी है। शुक्रवार को भी मरीजों का लगातार आने का सिलसिला जारी रहा।

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