Connect with us

गाजीपुर

पुलिस हिरासत में बिगड़ी मुख्तार गैंग के सहयोगी की तबियत

Published

on

Loading...
Loading...

10 लाख की रंगदारी और फर्जीवाड़े का आरोप

गाजीपुर के बहादुरगंज नगर पंचायत के चेयरमैन रियाज अंसारी को पुलिस ने मुख्तार गैंग के सहयोगी और फर्जीवाड़े के एक मामले में हिरासत में लिया है। रियाज अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने मदरसा मदरसतुल मसाकीन के प्रबंधक हाफिज अब्दुल गनी से रंगदारी की मांग की थी और मदरसे पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। यह मामला गाजीपुर पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान तबियत बिगड़ी
रियाज अंसारी से पुलिस ने कल फर्जीवाड़े के मामले में पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान उनकी तबियत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उनका रक्तचाप बढ़ गया था और उनका उपचार जारी है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

फर्जीवाड़े के आरोप
हाफिज अब्दुल गनी ने सोमवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि मदरसे में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत निकहत परवीन का अंकपत्र फर्जी पाया गया। इसके आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। इस मामले में 27 अक्टूबर को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने निकहत परवीन, पूर्व प्रबंधक नजीर अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 11 सितंबर को रियाज अंसारी ने हाफिज अब्दुल गनी और उनके बेटे मोहम्मद मजहर को 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और न देने पर हत्या की धमकी दी थी। इस मामले में कासिमाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

Advertisement

इस मामले में रियाज अंसारी, परवेज जमाल, नजीर अहमद और शकील अख्तर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि रियाज अंसारी को हिरासत में लेकर जेल भेजा जा रहा है, और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page