गोरखपुर
पुलिस ने छिनैती के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
गोरखपुर। थाना बेलघाट क्षेत्र में हुई मोबाइल छिनैती की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नय्यर के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में लूटा गया एक मोबाइल फोन सहित कुल छह मोबाइल फोन तथा वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
जानकारी के अनुसार 14 जनवरी 2026 को पीड़ित व्यक्ति से रास्ता पूछने के बहाने दोपहिया वाहन पर सवार आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया था। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल के माध्यम से उसके बैंक खाते में ट्रांसफर भी कराया। पीड़ित की तहरीर पर थाना बेलघाट में मुकदमा संख्या 12/2026 दर्ज किया गया था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) (आपराधिक धमकी), 304 (छिनैती), 3(5) (संयुक्त दायित्व), 112(2), 318(4) (धोखाधड़ी) आदि धाराएं शामिल की गई थीं। विवेचना के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मुकदमे में धारा 317(2) (चोरी की संपत्ति प्राप्त करना) की बढ़ोतरी भी की गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देवा राय पुत्र संजय राय, निवासी भरतपुरा, थाना धनघटा, जनपद संतकबीरनगर, उज्ज्वल राय पुत्र दुर्योधन राय, निवासी पकड़ी मौझा, थाना गगहां, जनपद गोरखपुर तथा प्रियांशु दूबे पुत्र स्वर्गीय कृष्ण दूबे, निवासी ग्राम बनियापार, थाना गगहां, जनपद गोरखपुर शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई एक मोबाइल फोन के अलावा अन्य पांच मोबाइल फोन, इस प्रकार कुल छह मोबाइल फोन, तथा घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
इस सफल कार्रवाई में थाना बेलघाट की टीम की अहम भूमिका रही। टीम में उप निरीक्षक आशीष कुमार पाण्डेय, उप निरीक्षक अभिषेक यादव, कांस्टेबल लाल साहब, कांस्टेबल चन्दन सिंह तथा कांस्टेबल संदीप विश्वकर्मा शामिल रहे। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी खजनी के पर्यवेक्षण में तथा थानाध्यक्ष बेलघाट के नेतृत्व में संपन्न कराई गई। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन में अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान जारी बताया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि छिनैती या लूट जैसी घटनाओं की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
